साक्षात्कार में मनमाने तरीके से दे दिए गए थे ज्यादा अंक
डीएम के आदेश पर हुई कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबेडकरनगर। दो मदरसों से जुड़े मिनी आटीआई में मनमाने ढंग से की गई तीन शिक्षकों की नियुक्ति रद्द करने का आदेश शनिवार को जारी हो गया। मदरसों में नियुक्ति को लेकर धांधली की यह खबर शनिवार के अंक में सिर्फ अमर उजाला ने प्रकाशित की थी। डीएम अविनाश सिंह ने शुक्रवार को ही इस बारे में कड़े निर्देश दे दिए थे। इसे देखते हुए ही अब अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने बीते दिनों नियुक्त हुए तीन शिक्षकों की सेवाएं समाप्त कर दीं।
मदरसा आधुनिकीकरण योजना के नाम पर जिले में हुई मनमानी की परतें खुलने लगीं हैं। विभाग में व्याप्त मनमानी व भ्रष्टाचार का बीते दिनों ही एक नमूना तब सामने आया था जब कार्यालय के एक कर्मी द्वारा अपनी कुर्सी पर बैठे हुए ही एक व्यक्ति से रकम लेते वीडियो बन गया था। सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद संविदा पर तैनात कर्मचारी की सेवाएं समाप्त करनी पड़ी थीं। अब ताजा मामला मदरसों में संचालित मिनी आईटीआई में शिक्षकों की मनमाने ढंग से नियुक्ति से जुड़ा है।
इस खबर को सिर्फ अमर उजाला ने शनिवार के अंक में प्रकाशित कर बताया था कि किस तरह विभाग में नौकरी देने के नाम पर नियमों व मानकों को ठेंगे पर रखा जा रहा है। असल में शुक्रवार को ही डीएम से शिकायत हुई थी कि मिनी आईटीआई में साक्षात्कार के दौरान ज्यादातर सदस्यों ने जिन अभ्यर्थियों को मामूली अंक प्रदान किए उन्हें ही मदरसों की तरफ से तैनात प्रतिनिधियों ने पूर्णांक दे दिया। इससे ऐसे अभ्यर्थियों की मेरिट ऊपर पहुंच गई और उनका चयन शिक्षक के तौर पर हो गया।
मामला संज्ञान में आने के बाद डीएम ने नियुक्ति प्रक्रिया रद्द करने का आदेश दिया था। शनिवार को सीडीओ अनुराज जैन ने जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को अपने कार्यालय में तलब किया। आदेश दिया कि मनमाने ढंग से की गई नियुक्ति को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया जाए। इसके कुछ देर बाद जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी छोटेलाल ने तीनों शिक्षकों की नियुक्ति का आदेश निरस्त कर दिया।