अंबेडकरनगर। राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर में एक बाहरी व्यक्ति की दखल से जूनियर रेेजीडेंट में आक्रोश व्याप्त है। डीएम को भेजे पत्र में कहा कि वह अनधिकृत रूप से कार्यालय में आकर बैठ जाता है और मरीजों की फाइल उठाकर हम सबसे अनावश्यक सवाल जवाब करता है। आरोप है कि बाहरी व्यक्ति की ओर से सभी जूनियर चिकित्सकों को लेकर अभद्र टिप्पणी भी की जाती है।
कुछ दिनों से राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर में एक बाहरी व्यक्ति की मौजूदगी को लेकर चिकित्सकों में आक्रोश है। कॉलेज के पांच जूनियर रेजीडेंट की ओर से डीएम को पत्र भेजकर कहा गया है कि उनका उत्पीड़न हो रहा है।
मुख्य कार्यालय में तैनात लिपिक की ओर से 80 से 90 हजार रुपये लेकर सिर्फ तीन माह के लिए नियुक्ति कर दी जाती है। इसके बाद तीन माह के एक्सटेंशन के लिए प्रति व्यक्ति 30 हजार रुपये की वसूली हो रही है। इसकी जांच कराने की जरूरत है। जूनियर रेजीडेंट ने डीएम को भेजे पत्र में कहा कि उन सबकी ड्यूटी इमरजेंसी में लगी है।
एक बाहरी व्यक्ति की मेडिकल कॉलेज में इतनी ज्यादा दखल है कि वह आकर कहीं भी बैठ जाता है। आए दिन इमरजेंसी में आकर मरीजों की फाइल अनधिकृत तौर पर देखने लगता है। वह डॉक्टरों से अनावश्यक सवाल जवाब भी करता है। जवाब न देने पर वह नौकरी चले जाने की धमकी देता है।
प्राचार्य व अन्य से संबंधों का हवाला देकर वह ऊंची पहुंच के नाम पर धमकाता है। प्राचार्य डॉ. संदीप कौशिक ने कहा कि ऐसे किसी व्यक्ति को मैं नहीं जानता हूं। मुझसे किसी ने शिकायत नहीं की है। मैं इमरजेंसी के प्रभारी से इस बारे में रिपोर्ट लूंगा।
सीसीटीवी फुटेज से सच्चाई आएगी सामने
जूनियर रेजीडेंट का कहना है कि अनधिकृत होने के बावजूद वह व्यक्ति किस तरह का रसूख रखता है, इसका अंदाजा सीसीटीवी फुटेज से पता चल जाएगा। परिसर व तमाम कार्यालयों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज यदि खंगाली जाए तो यह जानकारी हासिल हो जाएगी कि उसके संबंध किससे हैं।