अंबेडकरनगर। जिले के 54 आंगनबाड़ी केंद्र को जल्द ही अपना भवन मिलेगा। सवा छह करोड़ की लागत से भवनों का निर्माण कराया जा रहा है। कार्यदायी संस्था को मार्च तक निर्माण कार्य पूरा कराना है। भवन मिलने से बच्चों व महिलाओं से जुड़ी योजनाओं के संचालन में सहूलियत होगी।
ये आंगनबाड़ी केंद्र अभी उधार के भवनों में चल रहे हैं। स्थान की कमी के चलते योजनाओं के संचालन में परेशानी को देखते हुए केंद्रों को अपना भवन उपलब्ध कराने के लिए प्रस्ताव को शासन ने गत दिनों मंजूरी दी थी। इसके साथ भवनों के निर्माण का कार्य ग्रामीण अभियंत्रण सेवा विभाग को सौंपा गया।
प्रस्ताव के मुताबिक एक केंद्र के निर्माण पर 11 लाख 84 हजार रुपये की लागत आएगी। छह करोड़ 39 लाख 36 हजार रुपये की लागत से 54 केंद्रों के भवन बनाने का कार्य आरईएस ने शुरू कराया है। निर्माण कार्य मार्च 2024 तक पूरा करने का कार्यदायी संस्था को निर्देश दिया गया है।
मालूम हो कि जिले के 2551 आंगनबाड़ी केंद्रों में से 421 के पास ही अपने भवन हैं। शहरी क्षेत्र के 29 आंगनबाड़ी केंद्र किराए के भवन चल रहे हैं। 2101 केंद्र पंचायत भवन व परिषदीय विद्यालय में खुले हैं। पर्याप्त स्थान उपलब्ध नहीं होने से छोटे बच्चों को पढ़ाने व पुष्टाहार देने में परेशानी हो रही है। गभर्वती महिलाओं से संबंधित योजनाओं के संचालन में भी दिक्कत आती है। 54 आंगनबाड़ी केंद्रों को अपने भवन मिलने से करीब 45 हजार बच्चों व महिलाओं को सहूलियत होगी।
मार्च तक निर्माण कराया जाएगा पूरा
54 आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण शुरू हो गया है। कार्यदायी संस्था को मार्च 2024 तक निर्माण कार्य पूर्ण करने का निर्देश दिया गया है।
-दिनेश मिश्र, जिला कार्यक्रम अधिकारी