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यूपी : कृषि बीज दुकानदारों से अवैध वसूली के आरोप, न देने पर दिन में ही बंद करा दी जा रही दुकानें

Wed, 26 May 2021 09:56 PM IST
अमर उजाला लोकल ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अंबेडकरनगर/अश्विनी मिश्र

सार

पुलिस का नया और हैरान कर देने वाला कारनामा सामने आया है। हद तो यह कि सरकार के आदेश पर किसानों की सुविधा के लिए खुल रही कृषि बीज एवं कीटनाशक दुकानों पर भी वसूली का डंडा बेखौफ होकर चल रहा है।
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बीज
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विस्तार
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पुलिस का नया और हैरान कर देने वाला कारनामा सामने आया है। पुलिस ने पूरे जिले में कोविड संक्रमण रोकने के लिए आंशिक कर्फ्यू को कमाई का जरिया बना लिया है। शहरी क्षेत्रों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में कार्रवाई की बजाय धौंस दिखाकर वसूली की शिकायतें आम हो रही हैं। हद तो यह कि सरकार के आदेश पर किसानों की सुविधा के लिए खुल रही कृषि बीज एवं कीटनाशक दुकानों पर भी वसूली का डंडा बेखौफ होकर चल रहा है।
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उगाही के लिए ऐसी दुकानों को दोपहर से पहले ही बंद करा दिया जा रहा है तो कहीं पर अपराह्न तक शटर गिरवा दिए जा रहे। पुलिस कर्मियों की मनमानी इस कदर बढ़ चुकी है कि जिला कृषि अधिकारी ने स्वयं स्वीकारा है कि पुलिस ज्यादती कर रही है। कृषि अधिकारी ने बुधवार को अमर उजाला से कहा कि वे इस बारे में लिखित आपत्ति दर्ज कराने जा रहे हैं। कोविड संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए शासन ने आंशिक कर्फ्यू क्या लगाया,जिले में पुलिस कर्मियों के लिए जैसे लाटरी हाथ लग गई हो।

शासन की मंशा भले ही भीड़ रोकने की है लेकिन शिकायतों के अनुसार इसकी आड़ में पुलिसकर्मी पूरी तरह मनमानी पर उतर आए हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि प्रतिदिन जिले के लगभग प्रत्येक थाना क्षेत्र से उत्पीड़न और अवैध वसूली की शिकायत सामने आ रही है। हद तो यह कि जिन पुलिसकर्मियों पर कोरोना कर्फ्यू का पालन कराने की जिम्मेदारी है,उन्हें ही या तो शासन के निर्देश का पता नहीं या फिर जानबूझकर निर्देशों की धज्जियां उड़ाई जा रही है। एक बड़ा उदाहरण यह है कि समूचे जनपद में दुकानदारों के उत्पीड़न के दौर में उन दुकानदारों पर भी डंडा चलाया जा रहा है जिन्हें दुकान खोलने की अनुमति शासन ने दे रखी है।
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बताते चलें कि अन्नदेवताओं को कोई दिक्कत न हो इसलिए शासन ने कीटनाशक व कृषि बीज की दुकानों को भी कर्फ्यू में खुलने की छूट दे रखा है। शासन के इस स्पष्ट आदेश के बावजूद जगह-जगह ऐसे दुकानदारों का उत्पीड़न किया जा रहा है। बीज विक्रेताओं का कहना है कि पुलिस वाले कभी दोपहर के पहले तो कभी अपराह्न 3 बजे के पहले ही दुकान डंडे की जोर पर बंद करा देते हैं।उनका उद्देश्य इस दौरान सिर्फ अवैध वसूली पर रहता है।

कुछ रकम पाए जाने के बाद यह बोल अगले शिकार की तरफ बढ़ जाते हैं कि हम सब के जाने के बाद दुकान खोल लेना। हद तो यह कि कई जगहों पर पुलिस टीम बीते दिनों सुबह साढ़े 10 बजे से 11: के बीच ही दुकान बंद कराने पहुंच गई। दुकानदारों के अनुसार पुलिसकर्मी सोचते हैं कि दुकानदार दिन भर की कमाई का नुकसान होने की सोच कुछ रकम उन्हें दे देंगे जिसे लेकर वे सारे नियम कानून का पालन कराना भूल जाएंगे। खास बात यह है कि कई थाना क्षेत्रों में यह करतूत स्वयं थानाध्यक्ष की मौजूदगी में हो रही तो कई जगह उनके विश्वासपात्र सिपाही अवैध वसूली को अंजाम दे रहे हैं। 1- बोले दुकानदार, पहले पढ़ लें नियम पुलिस मनमानी का जिक्र करते हुए जलालपुर क्षेत्र के एक कीटनाशक विक्रेता ने कहा कि मेरी दुकान सुबह साढ़े 9 बजे करीब खुली थी। लगभग एक घण्टे बाद पुलिस कर्मी पहुंचे और बोले की दुकान बंद करो। उन्होंने पैसे की डिमांड की। न देने पर दुकान बंद करा दिया।

बसखारी के एक बीज विक्रेता ने बताया कि 11 बजे पूर्वान्ह ही दुकान न बंद करने पर थाने में बंद कर देने की चेतावनी दी गई। टांडा, आलापुर, मालीपुर, जहाँगीरगंज, सम्मनपुर, अहिरौली आदि थानों का भी यही हाल है।कीटनाशक और बीज दुकानदारों ने कहा कि पुलिस कर्मियों को पहले शासन के निर्देश पढ़ लेना चाहिए। दुकानदारों ने कहा कि अधिकारियों का मौन रहना ज्यादा चिंताजनक है। अब तक किसी पुलिसकर्मी पर कार्यवाई न होना सवाल खड़ा करता है। 2- कृषि अधिकारी बोले, ज्यादती कर रही पुलिस अमर उजाला ने जब जिला कृषि अधिकारी डॉ धर्मराज सिंह से बात की तो वे बोले कि जगह जगह पुलिसकर्मी ज्यादती कर रहे हैं। रोज ही शिकायतें मेरे पास आती रहती है।

शासन का स्पष्ट निर्देश है कि कीटनाशक और कृषि बीज की दुकानें खुली रहेंगी। इसके बाद भी इन दुकानदारों को परेशान किया जा रहा है। देर शाम कोई दुकान खुली हो तो दुकान को बंद कराना समझ मे आता लेकिन दिन में दुकानदारों को परेशान करना अनुचित है।वे बोले मैं पुलिस कर्मियों की ज्यादती की लिखित शिकायत वरिष्ठ अधिकारियों से करने जा रहा हूँ। 3- होगी कार्यवाई, मनमानी की छूट नहीं किसी दुकानदार के उत्पीड़न को नहीं होने दिया जाएगा। आंशिक कर्फ्यू का पालन कराना है लेकिन इसके लिए उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं होगा। सभी थाना प्रभारियों से मैं जवाब तलब कर रहा हूँ आलोक प्रियदर्शी, एसपी
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