जानकारी के अनुसार बुधवार रात 9 बजे कटेहरी से फत्तेपुर बेलाबाग जाने वाले मार्ग पर एक मैजिक वाहन तेज गति से कटेहरी की तरफ जा रहा था। बताते हैं कि चालक कुछ सामान लेकर फत्तेपुर गया था। वहां से खाली कर वह लौट रहा था। आशागढ़ गांव के निकट पहुंचा तो वहां सड़क किनारे कुछ बच्चे खड़े थे।
तेज रफ्तार होने के कारण चालक बच्चों को देख पूरी तरह अनियंत्रित हो गया। ग्रामीणों के अनुसार बच्चों ने किसी तरह भाग कर अपनी जान बचाई। इससे वहां मौजूद ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। उन्होंने गुहार लगा दी। पकड़े जाने के भय से चालक गाड़ी को कुछ दूर आगे ले गया। इसके बाद वाहन छोड़कर अंधेरे में भाग गया। ग्रामीणों ने लाठी डंडे लेकर चालक की काफी देर तक आस पास खोजबीन की, लेकिन वह नहीं मिला। इसके बाद सभी दोबारा वाहन के पास पहुंचे।
इसके बाद पहले जमकर वाहन में तोड़ फोड़ की फिर उस पर पुआल आदि रखकर आग लगा दी। पुआल की वजह से जल्दी ही आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। धू धू कर कुछ देर में ही वाहन जलने लगा। लगभग 2 घंटे तक वाहन जलता रहा। ग्रामीणों ने मार्ग पर प्रदर्शन भी किया और पुलिस व परिवहन विभाग के रवैये को लेकर नाराजगी भी जतायी। ग्रामीणों का कहना था कि तेज गति से चलने वाले वाहन चालकों के विरुद्घ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए जिससे सड़क हादसों पर रोक लगायी जा सके।
हंगामे के चलते गांव में काफी देर तक अफरा तफरी का माहौल बना रहा। सूचना मिलने पर देररात अकबरपुर फायर ब्रिगेड टीम वहां पहुंची, लेकिन तब तक आग बुझ चुकी थी। इससे पहले अहिरौली पुलिस भी सूचना के बाद घटना स्थल पहुंची, लेकिन आस पास पानी न होने के कारण आग पर काबू पाने के प्रयासों को सफलता नहीं मिल पायी।
इस बीच प्रतापपुर गांव निवासी वाहन मालिक अभिमन्यु ने अहिरौली पुलिस को तहरीर देकर आगजनी करने वाले ग्रामीणों के विरुद्घ केस दर्ज करने की मांग की है। एसओ अशोक यादव ने बताया कि ग्रामीणों ने वाहन में आग लगायी थी। गाड़ी मालिक ने तहरीर दी है। आवश्यक छानबीन अभी चल रही है।