फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

22 पीएचसी में स्थापित होंगे अतिरिक्त बेड

विज्ञापन
विज्ञापन
अंबेडकरनगर। जिले की 22 पीएचसी में बेडों की संख्या बढ़ाकर 10 करने की प्रक्रिया ने गति पकड़ ली है। 2.23 करोड़ रुपये से बेडों की स्थापना की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था सीएंडडीएस को दे दी गई है।
विज्ञापन

नेशनल हेल्थ मिशन के तहत शासन ने सभी पीएचसी में बेडों की संख्या चार से बढ़ाकर 10 करने की घोषणा की थी। बीते दिनों इस संबंध में प्रस्ताव मांगा था। जिले में कुल 29 पीएचसी में से छह पर पहले से ही बेड बढ़ाने को लेकर वार्ड बनाने का काम चल रहा है। बीते दिनों जब पीएचसी का सर्वे हुआ तो पता चला कि ऐनवां पीएचसी में जगह न होने से अतिरिक्त बेड के लिए वार्ड का निर्माण नहीं हो सकता है। इस पर सीएमओ कार्यालय ने 22 पीएचसी में योजना के तहत बेड बढ़ाने का प्रस्ताव शासन को भेज दिया।
सीएमओ कार्यालय के अनुसार 10 लाख 14 हजार रुपये की लागत से प्रत्येक पीएचसी में वार्ड का निर्माण होना है। शासन ने इसे मंजूरी दे दी है। अब दो करोड़ 23 लाख आठ हजार रुपये की लागत से वार्ड के निर्माण की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था सीएंडडीएस को सौंपी गई है। शीघ्र ही शासन से टेंडर प्रक्रिया आदि पूरी कर निर्माण प्रारंभ कर दिया जाएगा। बेड बढ़ने से न सिर्फ अधिक मरीज भर्ती किए जा सकेंगे बल्कि उनका बेहतर इलाज भी हो सकेगा।
विज्ञापन

सीएमओ कार्यालय के अनुसार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अशरफपुर बरवां, नसीरपुर, ताराखुर्द, जमुनीपुर, अरियौना, उतरेथू, बड़ागांव इब्राहिमपुर, मुंडेहरा, हंसवर, मकरही, नरियांव, कम्हरिया घाट, कमालपुर पिकार, बंदीपुर, नेवादा, मालीपुर, धवरुआ, कर्बला कासिमपुर, बड़ेपुर, सममनपुर, रसूलपुर बाकरगं व तेंदुआईकला में बेडों की संख्या बढ़ाई जाएगी।
अकबरपुर के अंगद जायसवाल व रवि शर्मा ने बताया कि पीएचसी में बेड की संख्या बढ़ाए जाने से स्वास्थ्य सेवाओं को गति मिलेगी। इसका सीधा लाभ न सिर्फ प्रसव पीड़िताओं को मिलेगा बल्कि टीकाकरण अभियान में भी तेजी आएगी। कटेरही के पवन सिंह व रामतीरथ ने कहा कि कई बार नसबंदी के दौरान बेड की संख्या कम हो जाती थी। इससे अक्सर जमीन पर बेड लगाकर मरीज भर्ती करना पड़ता था। इसके अलावा अन्य योजनाएं भी सुचारु रूप से संचालित हो सकेंगी।
शासन स्तर पर टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी पीएचसी पर अतिरिक्त बेडों की स्थापना का काम प्रारंभ हो जाएगा। बेड की संख्या बढ़ने से मरीजों को लाभ होगा।
विज्ञापन

- डॉ. श्रीकांत शर्मा, सीएमओ
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें