अंबेडकरनगर। जलजीवन मिशन योजना में कार्यदायी संस्था की लापरवाही पर जिला प्रशासन ने एक्शन लिया है। डीएम ने निदेशक राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन लखनऊ को काम में लापरवाही को लेकर दो कार्यदायी संस्थाओं की रिपोर्ट भेज दी है। माना जा रहा है कि शीघ्र ही कार्यदायी संस्था विंध्या टेली लिंक व वेल स्पेन इंटरप्राइजेज के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। इस योजना में जिला प्रदेश में 68वें स्थान पर है।
जलजीवन मिशन योजना कार्यदायी संंस्थाओं की लापरवाही के चलते गति नहीं पकड़ पा रही है। यूं तो इस योजना की शुरुआत वर्ष 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने की थी लेकिन जिले में जनवरी 2021 में शुरुआत हुई। वर्ष 2024 तक योजना से जिले को पूरी तरह से संतृप्त करने का निर्देश दो कार्यदायी संस्था वेल स्पेन इंटर प्राइजेज व विंध्या टेली लिंक को दिया गया।
शुरुआती दौर से ही कार्यदायी संंस्थाओं की बड़ी लापरवाही सामने आने लगी। कहीं सड़क खोदकर तो कहीं पाइपलाइन बिछाकर सड़क को दुरुस्त नहीं किया गया। कहीं पाइपलाइन बिछाई गई लेकिन घरों तक कनेक्शन नहीं हुआ। जलनिगम कार्यालय के अनुसार दोनों कार्यदायी संस्थाएं मौजूदा समय में 463 योजनाओं पर काम कर रही हैं लेकिन गति अत्यंत धीमी है। यही कारण रहा कि बीते दिनों प्रदेश से जो सर्वे रिपोर्ट जारी हुई उसमें जिले को 68वां स्थान मिला।
डीएम अविनाश सिंह ने अत्यंत गंभीरता से लेते हुए दोनों कार्यदायी संस्थाओं पर कार्रवाई के लिए जलनिगम कार्यालय को विस्तृत रिपोर्ट शासन को भेजे जाने का निर्देश दिया। जलनिगम कार्यालय के अनुसार जिला प्रशासन की तरफ से रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। ऐसे में माना जा रहा है कि शीघ्र ही दोनों कार्यदायी संस्था पर कड़ी कार्रवाई होगी।
मात्र 24 प्रतिशत हुआ काम
जलजीवन मिशन से जिले को पूरी तरह से संतृप्त करने को लेकर दोनों कार्यदायी संस्था की लापरवाही के चलते ही अब तक मात्र 24 प्रतिशत ही गृह कनेक्शन संयोजन हो सका है। दोनों कंपनियों द्वारा तीन लाख 18 हजार 556 घरों तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लिए कनेक्शन करना था लेकिन मात्र 77 हजार 57 घरों में ही कनेक्शन किया जा सका है। गृह संयोजन को लेकर लापरवाही का आलम यह कि वेल स्पेन को प्रतिदिन 300 गृह संयोजन करने का लक्ष्य मिला था लेकिन उसकी तुलना में महज 32 कनेक्शन ही किए जा सके। इसी प्रकार विंध्या टेली लिंक को प्रतिदिन एक हजार कनेक्शन करना था लेकिन मात्र 172 कनेक्शन किए जा सके। इसके अलावा निर्माण कार्यों में भी बड़ी लापरवाही सामने आई। मेसर्स वेल स्पेन द्वारा प्रतिमाह 100 किमी. पाइपलाइन बिछाए जाने का लक्ष्य मिला था लेकिन 62.96 किमी. तो विंध्या टेली लिंक एक हजार किमी. लक्ष्य की तुलना में 463 किमी. ही बिछाई जा सकी है।
ग्रामीणों ने जताई नाराजगी
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तहसील क्षेत्र आलापुर के गढ़वल के प्रधान मुकेश यादव ने कहा कि कार्यदायी एजेंसी द्वारा पाइपलाइन बिछाने के लिए नई-नई सड़कों को खोद दिया जा रहा है। लेकिन पाइपलान बिछाने के बाद सड़क को दुरुस्त नहीं कराया जा रहा है। इससे आवागमन में लोगों को मुश्किलें उठानी पड़ रही हैं। इसी गांव के विजयबहादुर ने कहा कि कार्यदायी संस्था द्वारा जो काम किए भी गए हैं वह गुणवत्ताविहीन हैं। इसकी शिकायत जिम्मेदारों से लिखित व मौखिक की भी जा चुकी है। तहसील क्षेत्र अकबरपुर के लारपुर निवासी तीरथ ने कहा कि शिकायत पर बीते दिनों जल निगम के अधिकारी जांच के लिए पहुंचे थे। गड़बड़ी दूर करने का निर्देश कार्यदायी संस्था को दिया था लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा सका है।
शासन को भेजा गया पत्र
दोनों कार्यदायी संस्थाओं की योजना के प्रति लापरवाही बरते जाने की विस्तृत रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। शीघ्र ही इस संबंध में प्रदेशस्तरीय उच्चाधिकारियों की टीम निरीक्षण भी करेगी। - सूरज वर्मा, अधिशासी अभियंता जल निगम