अंबेडकरनगर। विवेचनाओं में तेजी लाने के साथ ही पारदर्शिता तय की जाए। ऐसे साक्ष्य रखे जाएं, जिससे अपराध में लिप्त लोगों को सजा दिलाई जा सके। यह निर्देश मंगलवार को एसपी अजीत कुमार सिन्हा ने पुलिस कार्यालय में क्राइम ब्रांच से जुड़े विवेचकों के साथ समीक्षा बैठक में दिए। कहा कि यदि विवेचना में किसी भी प्रकार का दबाव पड़ रहा हो तो उसके बारे में सीधे मुझे अवगत कराया जाए। विवेचनाओं को लंबित रखा गया तो जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई होगी।
लंबित मामलों की विवेचना में तेजी लाने के लिए एसपी ने अब सर्किलवार समीक्षा बैठक शुरू करने का निर्णय लिया है। एसपी के अनुसार इस नई पहल से तमाम मामलों में वादी को जल्द न्याय दिलाया जा सकेगा तो वहीं आपराधिक तत्वों पर शिकंजा कसने में भी तेजी आयेगी। मीडिया सेल प्रभारी देविका सिंह ने बताया कि मंगलवार को पहले दिन क्राइम ब्रांच से जुड़े सभी विवेचकों को पुलिस कार्यालय बुलाकर एक-एक प्रकरण की समीक्षा की गई।
एसपी ने समीक्षा के बाद कहा कि किसी भी विवेचना को कतई लंबित नहीं रखना है। जरूरी साक्ष्य एकत्र करने पर फोकस रखना है। इसमें यह देखना है कि जिसके विरुद्ध केस दर्ज है, उसकी संलिप्तता है भी या नहीं। इसके लिए हर तरह के जरूरी साक्ष्य एकत्र किये जाए। यदि इस दौरान साक्ष्य नहीं मिलता तो मुकदमे को उसके अनुरूप निस्तारित किया जाए। किसी भी दशा में अनावश्यक तौर पर मामले को लटकाये रखना नहीं है।
यह जिम्मेदारी संबंधित क्षेत्राधिकारियों की भी होगी कि वे अपने सर्किल में लंबित विवेचनाओं में तेजी लाना सुनिश्चित करेंगे। एसपी ने कहा कि अतिसंवेदनशील मामले को छोड़कर प्रत्येक मामले में वादी को यह जानने का हक है कि उसके मुकदमे में विवेचना कहां तक पहुंची है और क्या साक्ष्य मिल पाये हैं। विवेचकों को हिदायत देते हुए कहा कि वे वादी से संपर्क में रहने की आदत डालें।