विद्युतनगर (अंबेडकरनगर)। टांडा के सिकंदराबाद मोहल्ले में स्थित कांशीराम शहरी गरीब आवास योजना के अंतर्गत बने आवासों में अवैध कब्जे और अनियमितताओं को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। शनिवार को टांडा नगर पालिका परिषद ने पुलिस बल की मौजूदगी में कॉलोनी में रह रहे गैरकानूनी निवासियों की पहचान शुरू कर दी है। इस योजना के तहत कुल 46 ब्लॉकों में 552 आवास निर्मित हुए हैं, जिनमें 427 का आवंटन हो चुका है। शेष 125 आवास अब भी बिना आवंटन के खाली हैं। प्रशासनिक जांच में यह बात सामने आई कि कई आवंटियों ने अपने आवास किराए पर दे दिए हैं, वहीं कई मकानों पर अनधिकृत रूप से कब्जा किया गया है। चिन्हित व्यक्तियों में आपराधिक प्रवृत्ति के लोग भी शामिल हैं, जिनकी गतिविधियों से कॉलोनी में आए दिन अशांति और अव्यवस्था फैल रही है। प्रशासनिक दल में एसडीएम व नगर पालिका के प्रभारी अधिशासी अधिकारी अरविंद त्रिपाठी, क्षेत्राधिकारी शुभम कुमार, कोतवाली प्रभारी दीपक सिंह रघुवंशी, नगर लेखपाल व पालिका कर्मचारी निशांत पांडेय, शमशाद जुबेर, मोहम्मद अरशद, जलील अहमद और जलकल जेई आशीष कुमार चौहान शामिल रहे। अधिकारियों के पहुंचते ही कॉलोनी में हड़कंप मच गया। कुछ लोगों ने आवासों में ताले लगा दिए तो कई मौके से निकल गए। एसडीएम अरविंद त्रिपाठी ने बताया कि चिन्हित अवैध कब्जेदारों को नोटिस जारी कर नियमानुसार हटाया जाएगा।