अंबेडकरनगर। नई पेंशन अंशदान योजना में आधार समेत अन्य जानकारियां अपलोड न करने वाले 1,800 शिक्षकों व शिक्षणेतर कर्मचारियों पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। यदि जनवरी के अंत तक पोर्टल पर फीडिंग न की गई तो फरवरी का वेतन रोकने की कार्रवाई होगी।
शिक्षक व शिक्षणेतर कर्मचारियों द्वारा पुरानी पेंशन बहाली की मांग के बीच बीते दिनों शासन ने निर्देश जारी किया था कि सभी शिक्षक व शिक्षणेतर कर्मचारी डीडीओ पोर्टल पर आधार कार्ड समेत अन्य सभी जरूरी जानकारियां फीड कर दें। नई पेंशन अंशदान योजना के तहत उन्हीं लोगों को फीडिंग करनी थी जिनकी नियुक्ति अप्रैल 2005 के बाद हुई है।
बीएसए कार्यालय के अनुसार ऐसे 5,089 शिक्षक व शिक्षणेतर कर्मचारी हैं जिनकी नियुक्ति अप्रैल 2055 के बाद हुई है। इस बीच तमाम दिशा-निर्देश के बावजूद अब तक 1,800 शिक्षक व कर्मी ऐसे हैं जिन्होंने अब तक पोर्टल पर डेटा अपलोड नहीं किया है।
ऐसे में संबंधित शिक्षकों व कर्मियों पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। इन्हें चेतावनी दी गई है कि यदि जनवरी के अंत तक फीडिंग नहीं की तो फरवरी का वेतन रोका जा सकता है।
प्राथमिक शिक्षक संघ के अकबरपुर ब्लॉक अध्यक्ष रमेशचंद्र मौर्य ने कहा कि नई पेंशन अंशदान योजना शिक्षकों के लिए कतई उचित नहीं है। इसमें कई प्रकार की कमियां हैं। पुरानी पेंशन योजना को ही लागू किया जाए। नई योजना से शिक्षकों व शिक्षणेतर कर्मचारियों का हक मारा जाएगा।
उच्च प्राथमिक विद्यालय शिक्षक संघ उपाध्यक्ष सत्येंद्र आर्य ने कहा कि जब डीडीओ पोर्टल पर स्वैच्छिक फीडिंग कराने की बात कही गई है तो फिर दबाव क्यों बनाया जा रहा है। जिस तरह 2055 से पहले नियुक्त शिक्षकों को पेंशन दी जा रही है, उसी प्रकार अन्य को भी दी जानी चाहिए। फीडिंग कराने के दबाव के विरुद्ध आवाज बुलंद की जाएगी।
बीते दिनों वित्त नियंत्रक बेसिक के निर्देशानुसार सभी शिक्षकों को जल्द फीडिंग करने के लिए पत्र भेजा गया है। यदि समय रहते फीडिंग न की गई तो फरवरी का वेतन रोक दिया जाएगा।
-विक्रम सिंह, वित्त एवं लेखाधिकारी, बेसिक शिक्षा