फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ambedkar Nagar News: दूसरों के काम आने पर मनुष्य का जीवन होता है सार्थक

Wed, 05 Nov 2025 11:47 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
विज्ञापन
विज्ञापन
अंबेडकरनगर। महरुआ के आदमपुर तिंदौली में श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन बुधवार को प्रवाचक मुकेशानंद ने कपिल चरित्र, समुद्र मंथन व भक्त प्रह्लाद का वर्णन किया। प्रवाचक ने कहा कि भागवत कथा कोई पुराण नहीं, यह जीवन जीने की कला है। कपिल भगवान ने मनुष्य को ज्ञान दिया कि आत्मा शुद्ध है, उसे मोह और क्रोध से बाँंधकर हम स्वयं दुख पाते हैं। समुद्र मंथन प्रसंग सुनाते हुए उन्होंने कहा कि मानव का हृदय ही सागर है और हमारे विचार ही मंथन की रस्सी हैं। भक्त प्रह्लाद सच्चे श्रद्धा और विश्वास के प्रतीक हैं। हमारे जीवन में भले कितनी भी कठिनाइयां आएं, अन्याय हो, लेकिन भगवान पर भरोसा कभी न टूटना चाहिए। मनुष्य का जन्म तभी सार्थक है जब वह दूसरों के काम आए। उन्होंने गोसेवा, साधुसेवा और समाजसेवा को ईश्वर की सच्ची उपासना बताया। इस दौरान मुख्य यजमान आशा देवी, रामशौक चतुर्वेदी, लवकुश चतुर्वेदी, पवन चतुर्वेदी, राजेश, शिवकुमार सिंह, रमाशंकर सिंह, प्रदीप चतुर्वेदी, सुशांत, गंगाराम गुप्ता, छोटे लाल यादव (प्रधान) व महावीर उपस्थित रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें