अंबेडकरनगर। वृक्षों की महत्ता को लेकर लोग भले ही गंभीर न हों, लेकिन सोमवार को खजूर के ही एक पेड़ ने कम से कम दो डिब्बों को पलटने से बचा लिया। पेड़ से टिककर ही ट्रेन का सबसे अंतिम डिब्बा पलटने से बाल-बाल बचा। हादसे के बाद मौके पर जो भी पहुंचा, वह खजूर के पेड़ के चलते यात्रियों की जान बच जाने की चर्चा करता नजर आया। असल में हुआ यह कि दून एक्सप्रेस ट्रेन के आठ डिब्बे जब ट्रेन से कटकर अलग हुए, तब सबसे पीछे का डिब्बा पलटते-पलटते बचा। यह संयोग ही था कि अंतिम डिब्बा जिस स्थान पर बेपटरी होकर रुका और तिरछा हो गया, वहां पटरी के ठीक निकट एक खजूर का पेड़ था। गार्ड और निशक्तों का यह संयुक्त डिब्बा इसी पेड़ के सहारे पलटने से बच गया। इस डिब्बे के आगे का डिब्बा भी बेपटरी होकर तिरछा हो गया था।