अंबेडकरनगर। राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तहत नवजात शिशु देखभाल सप्ताह विगत 14 नवंबर से मनाया जा रहा है। 21 नवंबर तक मनाए जाने वाले सप्ताह के तहत अब तक एक भी कार्यक्रम का आयोजन नहीं हो सका है। महाप्रबंधक स्वास्थ्य डॉ. हरिओम द्वारा जिला प्रशासन को भेजे गए पत्र में योजना के तहत सप्ताह भर विविध प्रकार के आयोजन करने के निर्देश दिए गए थे। इसमें डीएम की अध्यक्षता में कार्यशाला का आयोजन कर नवजात शिश्ुा की देखभाल पर विस्तृत चर्चा किए जाने एवं गोष्ठियों का आयोजन सभी पीएचसी, व सीएचसी सहित जिला चिकित्सालय में कि या जाना शामिल है। निर्देश के अनुसार प्रसव के उपरांत 48 घंटे तक प्रसूता को चिकित्सालय में रखे जाने व शासन द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का लाभ दिए जाने के साथ स्तनपान कराए जाने के लिए प्रेरित करने का कार्य भी शामिल है। इसमें आशा, एएनएम, एलएचबी, स्टाफ नर्स सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को लगाए जाने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा जिला चिकित्सालय सहित पीएचसी व सीएचसी में स्वास्थ्य शिशु प्रतियोगिता कराए जाने के साथ साथ टीकाकरण, जन्म पंजीकरण, आयु के सापेक्ष वजन कराए जाने का भी प्राविधान रखा गया। इसके अलावा सीएमओ को प्रतिदिन अलग अलग सीएचसी व पीएचसी पर चल रहे आयोजनों में भागीदारी कर उसकी रिपोर्ट डीएम के माध्यम से शासन को भेजे जाने का भी निर्देश दिया गया था। जागरूकता को लेकर विभागीय अधिकारी कितना गंभीर हैं, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अब तक कहीं भी किसी प्रकार का आयोजन नहीं हो सका है। गोष्ठियों व प्रतियोगिता की बात तो दूर कार्यशाला एवं वार्डों में गर्भवती महिलाओं को स्तनपान कराने के प्रति जागरूक करने का भी कोई कार्य नहीं हो सका है। हालांकि कागज पर सभी प्रकार के आयोजन किए जाने के साथ ही उसकी रिपोर्ट प्रतिदिन शासन को भेजी जा रही है।