अंबेडकरनगर। स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीजों व तीमारदारों के लिए राहत की खबर है। 10 नये उपकेंद्रों के भवन का निर्माण कराया जायेगा। 50 उपकेंद्रों के निर्माण की हरी झंडी पहले ही मिल चुकी है। यह सभी उपकेंद्र किराये के भवन में चल रहे हैं। 12 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले इन सभी 60 भवन के निर्माण की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था लैकफेड को सौंपी गई है। भूमि के चिह्नांकन के बाद शीघ्र ही निर्माण कार्य प्रारंभ हो जाएगा। इससे न सिर्फ मरीजों का बेहतर इलाज सुनिश्चित हो सकेगा, बल्कि एएनएम भी रात्रि में उपकेंद्र पर प्रवास कर सकेंगी।
ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को इलाज के लिए इधर उधर न भटकना पड़े, इसके लिए 323 स्वास्थ्य उपकेंद्रों का संचालन किया जा रहा है। इनमें से 170 उपकेंद्र तो अपने भवन में संचालित हैं, जबकि 32 उपकेंद्र के भवन का निर्माण मौजूदा समय में चल रहा है। ऐसे में 121 ऐसे उपकेंद्र हैं, जो किराए के भवन में संचालित हैं। बीते दिनों शासन ने पहले किराए के भवन में संचालित 50 उपकेंद्रों को भवन निर्माण को हरी झंडी प्रदान की थी, लेकिन बाद में इसकी संख्या बढ़ाकर 60 कर दी। 20 लाख रुपये की लागत से निर्मित होने वाले प्रत्येक भवन के निर्माण की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था लैकफेड को सौंप दी गई।
शासन के निर्देश पर जिले से प्रथम चरण में 25 भवनों के निर्माण के लिए भूमि का चिंह्नांकन कर शासन को रिपोर्ट भेज भी दी गई। इस बीच शासन ने नया निर्देश जारी करते हुए कहा कि उपकेंद्र का निर्माण आबादी से 100 मीटर के अंदर किया जाए। बताते चलें कि ज्यादातर उपकेंद्र आबादी से दूर होने के चलते एक तो मरीजों को इलाज के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, दूसरा रात्रि में एएनएम के प्रवास न करने से भी समस्या हो रही थी। इसकी शिकायत कई बार सामने आई। जिसे देखते हुए ही शासन ने भवन निर्माण को लेकर नए दिशा निर्देश जारी किए हैं।
वैकल्पिक व्यवस्था का भी है प्राविधान
सीएमओ कार्यालय के अनुसार शासन के नए दिशा-निर्देश में भूमि के चिह्नांकन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था का भी प्राविधान है। इसके तहत यदि आबादी से 100 मीटर के अंदर भवन निर्माण के लिए भूमि नहीं मिल रही है, तो गांव के किसी भी ग्रामीण की सहमति पर उसकी भूमि को सरकारी भूमि से अदला बदली की जा सकता है। यह दिशा-निर्देश सिर्फ स्वास्थ्य उपकेंद्र के लिए ही नहीं, बल्कि सीएचसी व पीएचसी निर्माण के लिए भी लागू होगा। सीएमओ कार्यालय के अनुसार सीएचसी आबादी से एक किमी, पीएचसी आबादी से पांच सौ मीटर दूरी के अंदर स्थापित किया जाएगा।
शुरू हुआ भूमि का चिह्नांकन
शासन के नए दिशा निर्देशानुसार अब नए सिरे से भूमि के चिह्नांकन का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। प्रारंभ में 50 भवनों के निर्माण का निर्देश दिया गया था, लेकिन अब 60 भवनों का निर्माण होना है। शीघ्र ही भूमि का चिह्नांकन कर रिपोर्ट शासन को भेज दी जाएगी। -विजयपाल सिंह, सहायक अभियंता स्वास्थ्य