अंबेडकरनगर। बाढ़ व जलभराव से लोगों को बचाने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ा निर्णय लिया है। अलग-अलग नदियों से जुड़े 52 नालों की विशेष सफाई बरसात से पहले पूरी कर ली जाएगी। दो करोड़ रुपये की लागत से सिंचाई विभाग ने सफाई शुरू कर दी है। सभी नाले अलग-अलग नदियों से जुड़े हैं।
बारिश के दौरान होने वाले जलभराव व नालों के उफान से प्रभावित होने वाले लोगों को बचाने के लिए बीते दिनों हुई बैठक में डीएम अविनाश सिंह ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को वृहद सफाई अभियान चलाने के निर्देश दिए थे। कहा था कि बरसात शुरू होने से पहले नदियों से जुड़े सभी 52 नालों की बेहतर ढंग से साफ-सफाई कर दी जाए। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। साफ-सफाई में आर्थिक दिक्कत न हो इसके लिए दो करोड़ रुपये भी सिंचाई विभाग को उपलब्ध करा दिए।
मालूम हो कि जिले में टोंडी, देवहट, भड़सारी, यादवपुर, पिकिया नाला, केवटली नाला, हिछना, गंगासागर समेत 52 नाले ऐसे हैं जो सरयू, तमसा, बिसुही, मझुई नदी से जुड़े हैं। इन नालों के जरिए क्षेत्रों में एकत्र होने वाला पानी नदियों के सहारे बह जाए इसलिए विशेष सफाई अभियान शुरू करने का निर्णय हुआ है।
थिरुआ नाले की सफाई जोरों पर
सरयू नदी से जुड़ा थिरुआ नाला लगभग हर साल सरयू नदी के जलस्तर में वृद्धि होने पर उफना जाता है। इससे संबंधित क्षेत्र बाढ़ की चपेट में आ जाता है। इससे संबंधित क्षेत्र के लोगों को व्यापक मुश्किलें उठानी पड़ती हैं। इसे देखते हुए ही बीते दिनों डीएम ने थिरुआ नाले की विशेष साफ-सफाई कराए जाने का निर्देश सिंचाई विभाग के जिम्मेदारों को दिया था। लगभग एक करोड़ की लागत से थिरुआ नाले की विशेष साफ-सफाई तेजी से चल रही है। बरसात से पहले इस नाले की भी पूरी तरह से साफ-सफाई पूरी कर लिए जाने की उम्मीद है।
बरसात से पहले पूरी होगी सफाई
दो करोड़ रुपये की लागत से 52 नालों की सफाई शुरू कर दी गई है। बरसात प्रारंभ होने से पहले सभी नालों की सफाई का काम पूरा कर लिया जाएगा। - शिवप्रताप सिंह, अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड टांडा