अंबेडकरनगर। काम के दौरान होने वाले हादसे के बाद आर्थिक मदद पाने को लेकर मजदूरों में जागरूकता नहीं आ रही है। बीते दो वर्ष में महज 58 आवेदन ही श्रम विभाग के पास आए हैं। सत्यापन के बाद 38 परिवारों को योजना का लाभ मिल रहा है। 19 आवेदनों का सत्यापन कराया जा रहा है। एक का आवेदन निरस्त किया जा चुका है
किसी भी प्रकार का निर्माण करने के दौरान श्रमिक की मौत होने परे संबंधित परिवार को निर्माण कामगार मृत्यु व दिव्यांगता सहायता योजना के तहत पांच लाख रुपये की सहायता दी जाती है। इसमें 25 हजार रुपये की राशि घटना के तत्काल बाद पीड़ित परिवार को मिल जाती है। जबकि शेष राशि अलग-अलग किस्त में दिए जाने का प्राविधान है।
योजना का लाभ हासिल करने के लिए श्रमिकों को उत्तर प्रदेश भवन एवं निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में ऑनलाइन पंजीकरण कराना पड़ता है। इस योजना को लेकर जिले के एक लाख 16 हजार श्रमिक पृजीकृत हैं। हालांकि, प्रचार-प्रसार के अभाव में अगस्त 2022 से संचालित योजना का लाभ लेने के लिए अब तक कुल 58 पात्र परिवारों ने आवेदन किया। सत्यापन के बाद 38 पात्रों को योजना का लाभ दिलाया जा रहा जबकि शेष 19 आवेदकों के सत्यापन का काम चल रहा है।
सहायक श्रमायुक्त राजबहादुर यादव ने बताया कि जिन 58 लोगों ने आवेदन किया था उनमें से 30 ने मौजूदा वर्ष में आवेदन भरा। सत्यापन के बाद एक आवेदन को निरस्त कर दिया गया जबकि 29 को सुचारू रूप से लाभ दिलाया जा रहा है। वर्ष 2022 में आवेदन करने वाले नौ अन्य परिवार भी योजना का लाभ उठा रहे हैं।