दुकानदार नहीं दे रहे निर्माण सामग्री, प्रधानों ने भी खड़े किए हाथ
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबेडकरनगर। जिले के 400 से अधिक ग्राम पंचायत में मनरेगा योजना के तहत होने वाले पक्के निर्माण ठप पड़ गए हैं। कारण यह कि पूर्व में जो काम ग्राम प्रधानों द्वारा कराया गया था उसका लगभग 38 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं हो सका है। ऐसे में नए निर्माण के लिए दुकानदारों ने निर्माण सामग्री उधार देने से मना कर दिया है। शीघ्र ही भुगतान नहीं हुआ तो नाला निर्माण न होने से बारिश में संबंधित क्षेत्र के ग्रामीणों को जलभराव समेत कई अन्य प्रकार की समस्याओं से जूझना पड़ सकता है।
जलनिकासी, आवागमन समेत कई अन्य प्रकार की समस्याओं को दूर करने के लिए मनरेगा योजना के तहत नाली, खड़ंजा समेत कई अन्य प्रकार के पक्के निर्माण कराए जाते हैं। जिले में 899 ग्राम पंचायतें हैं। इन ग्राम पंचायतों मेें पूर्व में जो पक्के काम ग्राम प्रधानों द्वारा कराए गए उनमें से ज्यादातर का भुगतान अब तक नहीं हो सका है।
मनरेगा उपायुुक्त कार्यालय के अनुसार 37 करोड़ 74 लाख रुपये का भुगतान लंबित है। लंबे समय से भुगतान न होने का नतीजा है कि 400 से अधिक ग्राम पंचायतों में पूरी तरह से मौजूदा समय में पक्का काम ठप है। इससे संबंधित क्षेत्र के ग्रामीणों को अलग अलग प्रकार की मुश्किलें उठानी पड़ रही हैं। काही ग्राम पंचायत के ग्राम प्रधान राजेश्वरी राय ने कहा कि लगभग 20 लाख रुपये बकाया है। इसके चलते अब गांव में पक्का काम पूरी तरह से ठप है। कई अन्य ग्राम प्रधानों ने भी भुगतान लंबित होने का हवाला देते हुए कहा कि इससे कठिनाई हो रही है।
बरसात में होंगी मुश्किलें
काही निवासी रामजस व जगदीश ने कहा कि पक्का काम पूरी तरह से ठप है। ज्यादातर नालियां क्षतिग्रस्त हैं। ऐसे में यदि समय रहते नालियों को दुरुस्त नहीं किया गया तो बरसात में बारिश होने पर जलभराव की समस्या उत्पन्न हो सकती है। इससे आवागमन में भी मुश्किलें होंगी। अंधियरवा के शिवप्रसाद, अरुण कुमार व संदीप ने कहा कि संपर्क मार्ग भी क्षतिग्रस्त है। नालियां भी टूट गई हैं। बारिश होने पर जलनिकासी की समस्या खड़ी हो सकती है। जिम्मेदारों को चाहिए कि इसे लेकर गंभीरता दिखाएं।
साढ़े तीन लाख हैं बकाया
तहसील क्षेत्र अकबरपुर के अंधियरवा ग्राम प्रधान वेदप्रकाश वर्मा ने कहा कि पूर्व में मनरेगा योजना के तहत जो पक्का काम कराया था उसका तीन लाख 42 हजार रुपये बकाया है। पंचायत भवन परिसर में इंटरलॉकिंग के साथ ही गांव में खड़ंजा निर्माण कराया था। भुगतान न होने से पक्के निर्माण पूरी तरह से ठप हैं। बरसात का मौसम शुरू होने वाला है। कई जरूरी कार्य भी कराए जाने हैं। इसके लिए पहले का भुगतान किए जाने की जरूरत है।
पुराना भुगतान हो तो कराएं नया काम
तहसील क्षेत्र अकबरपुर के ही मीरपुर शेखपुर गांव के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि राघवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि पूर्व में जो पक्का निर्माण कराया था उसका दो लाख 50 हजार रुपये का भुगतान नहीं हो सका है। भुगतान न होने से अब दुकानदारों ने निर्माण सामग्री उधार देने से हाथ खड़ा कर लिया है। ऐसे में पक्का निर्माण पूरी तरह से ठप है। पंचायत भवन की बाउंड्रीवॉल निर्माण अत्यंत जरूरी है लेकिन भुगतान न होने से निर्माण नहीं हो रहा है। इससे पंचायत भवन को नुकसान हो रहा है।
जल्द होगा भुगतान
पूर्व में जो पक्का निर्माण हुआ था उसका भुगतान नहीं हुआ है। संभावना है कि जल्द ही शासन से भुगतान कर दिया जाएगा। इसके बाद पक्का निर्माण भी शुरू हो जाएगा।
राजेंद्र प्रसाद मिश्र, मनरेगा उपायुक्त