अंबेडकरनगर। पहली नवंबर से धान की खरीदारी प्रारंभ कर दी जाएगी। 1.16 लाख हेक्टेअर क्षेत्रफल में खेती करने वाले चार लाख से अधिक किसानों को बढ़े हुए समर्थन मूल्य का लाभ मिलेगा। 38 क्रय केंद्र निर्धारित कर दिए गए हैं फिर भी इनकी संख्या बढ़ाने के लिए पीसीयू व यूपीएसएस से भी प्रस्ताव मांगे गए हैं।
जिले में पहली नवंबर से धान की खरीद शुरू कर दी जाएगी। इसे लेकर तैयारी शुरू हो गई है। गौरतलब है कि जिले में चार लाख से अधिक किसानों ने 1.16 लाख हेक्टेअर क्षेत्रफल में धान की बोआई की है। किसानों को धान बेचने में कोई दिक्कत न हो, इसके लिए खाद्य विभाग, एफसीआई व पीसीएफ के कुल 38 केंद्र खोले जाएंगे।
हालांकि क्रय केंद्रों की संख्या में अभी और वृद्धि होने की संभावना है। दरअसल गत दिवस ही प्रशासन ने यूपीएसएस व पीसीयू से प्रस्ताव मांगा है। खाद्य एवं विपणन विभाग के लिपिक सीपी पांडेय ने बताया कि जिले को शीघ्र ही धान खरीद का लक्ष्य मिलने की संभावना है।
जिन तीन एजेंसियों के केंद्रों का निर्धारण किया गया है, उन्हें दिशा-निर्देश दे दिए गए हैं। बताया कि धान खरीद से संबंधित बैठक जल्द ही कलेक्ट्रेट सभागार में एडीएम अशोक कुमार कनौजिया की अध्यक्षता में होगी। इसमें सभी एजेंसियों के अधिकारी व केंद्र प्रभारी मौजूद रहेंगे।
72 रुपये बढ़ा समर्थन मूल्य
खाद्य एवं विपणन विभाग कार्यालय के अनुसार इस बार धान के समर्थन मूल्य में 72 रुपये की वृद्धि हुई है। ऐसे में विगत वर्ष जहां समर्थन मूल्य 1968 रुपये प्रति क्विंटल था तो वहीं अब बढ़कर 2040 रुपये हो गया है। उधर नाराजगी जताते हुए किसान प्रदीप वर्मा व अंगद जायसवाल ने कहा कि मात्र 72 रुपये की वृद्धि करना, ऊंट के मुंह में जीरा के बराबर है। डीएपी खाद व डीजल के दाम में जिस तरह वृद्धि हुई है, उसे देखते हुए समर्थन मूल्य में और बढ़ोतरी की जानी चाहिए। किसान सुनील कुमार व सालिकराम ने कहा कि किसानों के हित को देखते हुए धान का समर्थन मूल्य और बढ़ाया जाए।
बढ़ेगी केंद्रों की संख्या
मौजूदा समय में तीन एजेंसियों के 38 केंद्र का निर्धारण धान खरीद के लिए किया गया है। इसे लेकर नौ सितंबर को बैठक होनी है। क्रय केंद्रों की संख्या में और वृद्धि हो सकती है।
-राजेश कुमार, खाद्य एवं विपणन अधिकारी