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34 धान क्रय केंद्र बढ़ाए गए

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अंबेडकरनगर। धान की बिक्री करने में किसानों को सहूलियत हो, इसके लिए अभी से ही दो नई एजेंसी व 34 क्रय केंद्र बढ़ा दिए गए हैं। अब एजेंसियों की संख्या बढ़कर पांच तो क्रय केंद्रों की संख्या बढ़कर 67 हो गई है। वहीं, खाद्य विभाग के 22 में से 11 क्रय केंद्रों पर स्टाफ ही नहीं है। संबंधित क्रय केंद्रों पर पहली नवंबर से शुरू हो रही धान खरीद के लिए शासन को स्टाफ की तैनाती के लिए पत्र भेजा गया है।
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धान की उपज के लिए अग्रणी जनपद में शुमार अंबेडकरनगर के किसानों को उपज की बिक्री करने में सुविधा दिलाने के लिए प्रशासन लगातार कदम उठा रहा है। गत वर्षों की तुलना में दो एजेंसी के साथ-साथ लगभग तीन दर्जन क्रय केंद्रों को बढ़ाया गया है। खाद्य एवं विपणन कार्यालय के पीएन दुबे ने बताया कि पूर्व में तीन एजेंसी के 33 केंद्र स्थापित किए गए थे।
अब इनकी संख्या बढ़ाकर पांच एजेंसियों के 67 केंद्र कर दिए गए हैं। इनमें खाद्य विभाग के 22, पीसीएफ के 35, यूपीएसएस के सात, मंडी समिति के दो, भारतीय खाद्य निगम का एक केंद्र शामिल है। किसानों के हित को देखते हुए आगामी दिनों में क्रय केंद्रों की संख्या में और भी वृद्धि हो सकती है।
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इस बीच एजेंसियों के साथ-साथ क्रय केंद्रों की संख्या तो बढ़ा दी गई लेकिन इसका किसानों को कितना लाभ मिल सकेगा, यह आने वाला समय ही बताएगा। कारण यह कि खाद्य विभाग के पहले 11 केंद्र थे लेकिन अब इन्हें बढ़ाकर 22 कर दिया गया है। ऐसे में 11 क्रय केंद्र ऐसे हैं जहां स्टाफ की तैनाती ही नहीं हो सकी है। खाद्य एवं विपणन विभाग ने खाद्य आयुक्त को स्टाफ की तैनाती के लिए पत्र भेजा है।
खाद्य एवं विपणन कार्यालय के अनुसार धान की खरीद प्रारंभ होने से पहले क्रय केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में बोरे उपलब्ध हो सकें, इसके लिए सभी एजेंसियों को पत्र भेजकर जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए हैं। हालांकि इसे लेकर गत दिवस हुई बैठक में खाद्य एवं विपणन अधिकारी राजेश कुमार ने सभी एजेंसियों के पदाधिकारियों को निर्देशित किया था कि धान के बोरों की खरीदारी जूम पोर्टल के माध्यम से समय रहते कर लें। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
धान कुटाई के बाद राइस मिलों द्वारा कस्टम मिल्ड राइस एफसीआई गोदाम तक पहुंचाने में बोरों की कमी नहीं है। मौजूदा समय में सीएमआर बोरों की 700 गांठ उपलब्ध हैं। सभी क्रय केंद्र प्रभारियों को निर्देशित किया गया कि नमी मापक यंत्र, कांटा, ओसाई पंखा की जांच समय रहते पूरी कर लें।
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-अशोक कुमार कनौजिया, एडीएम
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