टांडा में टीबी के प्रति लोगों को जागरूक करती स्वास्थ्य टीम।
अंबेडकरनगर। जिले को टीबी मुक्त करने के लिए बुधवार से विशेष जागरूकता अभियान की शुरुआत हुई। 31 अक्तूबर तक चलने वाले अभियान को सफल बनाने के लिए तीन-तीन सदस्य वाली 28 टीमें गठित की गईं। इस बीच इसे लेकर बुधवार को जिला अस्पताल परिसर में गोष्ठी का आयोजन हुआ। इसमें टीबी को जड़ से समाप्त करने के बारे में जानकारी दी गई। कहा गया कि जागरूकता के आधार पर जिले को पूरी तरह से टीबी मुक्त किया जा सकता है।
जिला क्षयरोग अधिकारी डॉ. गौतम मिश्र ने कहा कि टीबी अब जानलेवा बीमारी नहीं रह गई है। यदि सुचारु रूप से इलाज सुनिश्चित कराया जाए तो इसे जड़ से समाप्त किया जा सकता है। यह एक संचारी रोग है। ऐसे में इसे लेकर सभी को जागरूक होना होगा। टीबी रोग से ग्रस्त मरीजों को चाहिए कि वे सार्वजनिक स्थानों पर न थूकें। संबंधित अस्पताल में पहुंचकर बेहतर ढंग से इलाज सुनिश्चित कराएं। टीबी मरीजों को न सिर्फ निशुल्क दवाएं दी जाती हैं बल्कि पांच सौ रुपये प्रतिमाह दिया भी जाता है।
अभियान के जिला समन्वयक अखिलेश ने बताया कि विशेष अभियान 31 अक्तूबर तक चलेगा। इसके लिए 28 टीमें गठित की गई हैं। तीन सदस्यीय टीम गांव-गांव जाकर टीबी रोग से ग्रसित व्यक्ति की पहचान करेगी। उसे संबंधित सीएचसी से इलाज के लिए जोड़ा जाएगा। साथ ही लोगों को टीबी रोग के बारे में विस्तार से जानकारी भी दी जाएगी। बताया कि बुधवार को टीमें अलग-अलग क्षेत्र के लिए रवाना हो गईं।
इस बीच टीम के सदस्यों ने अमेदा, अरिया, जमुनीपुर, कटेहरी, जहांगीरगंज, राजेसुल्तानपुर समेत अन्य क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों को टीबी के लक्षण, उसके फैलने के कारण व उससे बचाव के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कहा गया कि यह एक संचारी रोग है। ऐसे में इसे लेकर सभी को सजग रहने की जरूरत है।