अंबेडकरनगर। सिंचाई की सुविधा बेहतर बनाने के लिए 26 माइनरों की सफाई कराई जाएगी जिससे टेल तक पानी पहुंच सकेगा। अलग-अलग क्षेत्रों में स्थित माइनरों की सिल्ट सफाई पर लगभग एक करोड़ रुपये खर्च होंगे। सिंचाई विभाग ने इसके लिए टेंडर आमंत्रित कर दिए हैं। इससे लगभग 50 हजार किसानों खेतों की सिंचाई करने में सहूलियत होगी। इसके साथ ही नहरों के ओवरफ्लो हो जाने व कटान से भी निजात मिलेगी।
शारदा सहायक नहर के जरिए किसानों को सिंचाई की बेहतर सुविधा प्रदान करने के लिए जिले में माइनरों का जाल बिछा हुआ है। बड़े पैमाने पर किसान इन माइनरों से खेतों की सिंचाई करते हैं। हालांकि अक्सर माइनरों की सफाई समय पर न किए जाने तथा पटरियों की मरम्मत न किए जाने का खामियाजा भी भुगतना पड़ता है।
दो माह के भीतर टांडा, अकबरपुर व आलापुर तहसील में आधा दर्जन से अधिक स्थानों पर नहरों में कटान हो गई थी। ग्रामीणों के अनुसार माइनरों की बेहतर ढंग से सफाई न होने के चलते ही यह स्थिति उत्पन्न हुई थी। माइनरों के कटने या ओवरफ्लो हो जाने से फसलों को तो नुकसान पहुंचा ही, कई मार्गों पर जलभराव भी हो गया था।
आलापुर में तो स्कूल के अलावा घरों के अंदर तक भी माइनर से निकला पानी पहुंच गया था। ग्रामीणों की नाराजगी को देखते हुए डीएम सैमुअल पॉल एन ने माइनरों की विधिवत साफ-सफाई कराने का निर्देश दिया था। इसी क्रम में सिंचाई विभाग ने बड़ी पहल की है। कुल 26 माइनरों में 217 किलोमीटर से अधिक दूरी तक सिल्ट की सफाई कराने का निर्णय हुआ है।
इसके लिए 31 अक्तूबर तक टेंडर आमंत्रित किए गए है। निर्धारित सीमा तक आने वाली निविदाओं पर ही विचार के बाद काम का आवंटन किया जाएगा। सफाई कार्य पर 86 लाख 80 हजार रुपये का खर्च होने का अनुमान है। इन सभी माइनरों से सिंचाई पर आश्रित रहे लगभग 50 हजार किसानों के लाभान्वित होने का अनुमान है।
जिले के जिन माइनरों की सफाई सिंचाई विभाग द्वारा अब कराए जाने का निर्णय हुआ है, उनकी सफाई विभाग के अनुसार एक वर्ष पहले हुई थी। अधिशाषी अभियंता सिंचाई एसपी सिंह ने बताया कि प्रत्येक रबी सीजन से पहले माइनरों की सफाई कराई जाती है। इस बार भी 26 माइनरों की एक साथ सफाई का निर्णय लिया गया है। अन्य माइनरों की भी सफाई होगी। इन माइनरों की सफाई एक वर्ष पहले हुई थी।
उधर संबंधित माइनरों से जुड़े किसानों का कहना है कि सफाई के नाम पर हर वर्ष सिर्फ फर्ज अदायगी ही होती है। इसके चलते ही टेल तक पानी नहीं पहुंच पाता। गहराई तक सफाई होनी चाहिए। पूरी चौड़ाई में सफाई भी नहीं करायी जाती। इन सबका खामियाजा किसानों को बाद में भुगतना पड़ता है।
मालपुर माइनर, शाहपुर माइनर, रत्ना माइनर, अमरौला माइनर, सुलेमपुर माइनर, पृथ्वीपुर माइनर, कुटिया माइनर, भीटी माइनर, सैदापुर माइनर, इकबालपुर माइनर, गोकुलपुर माइनर, अहिरौला राजवहा, कटारगढ़ राजवहा, अमदही राजबहा, बड़ागांव राजबहा, पिंडोरिया राजबहा, मगनपुरए राजबहा, जहांगीरगंज राजबहा, शंकरपुर राजबहा, शिवतारा राजबहा, बंदीपुर राजबहा, हंसवर राजबहा व रज्जीपुर राजबहा की सफाई होनी है। इसमें कटारगढ़ राजबहा की शुरूआत से लेकर 21 किलोमीटर की दूरी तक सिल्ट की सफाई होगी।
हंसवर राजबहा को सवा 13 किलोमीटर की दूरी तक साफ कराया जाएगा।जहांगीरगंज राजबहा की किलोमीटर 40 से 20 किलोमीटर दूरी तक सफाई होगी। पिंडोरिया राजबहा शुरू से लेकर 20 किलोमीटर से अधिक दूरी तक साफ कराई जाएगी। मगनपुर राजबहा 11 किलोमीटर तो बंदीपुर राजबहा साढ़े 10 किलोमीटर दूरी तक साफ होगी।
बंदीपुर के किसान हृदयनारायण निषाद व सुमेर ने कहा कि लंबे समय से सफाई की जरूरत थी। अब सिंचाई विभाग को सुध हुई है। बेहतर ढंग से सफाई हुई तो इसका लाभ आने वाले दिनों में मिलेगा। जहांगीरगंज के सर्वेश वर्मा, कुन्नूलाल तथा वैभव त्रिपाठी ने कहा कि आलापुर तहसील क्षेत्र में माइनरों की विधिवत सफाई अक्सर नहीं हो पाती है।
अब सिंचाई विभाग ने बड़ी पहल की है। अधिकारियों को यह देखना चाहिए कि अच्छे ढंग से काम हो। इससे निश्चित रूप से किसानों को राहत मिलेगी। पिंडोरिया के श्रीपाल तथा अमदही के विलोचन ने माइनरों की सफाई के निर्णय को संतोषजनक बताया। कहा कि जनप्रतिनिधियों को सफाई कार्य पर नजर रखनी चाहिए।
26 माइनरों की सफाई के लिए टेंडर निकाल दिए गए हैं। जल्द ही काम का आवंटन कर सफाई शुरू करा दी जाएगी। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होने दी जाएगी।
-एसपी सिंह, अधिशाषी अभियंता, सिंचाई