अंबेडकरनगर। किसानों की आय बढ़ाने में लगातार नए कदम उठाए जा रहे हैं। अब रबी सीजन में कम जमीन पर कम लागत में ज्यादा गेहूं-सरसों का उत्पादन पाने का प्रशिक्षण देने के लिए 18 फार्मर स्कूल खोले जा रहे हैं। जनपद में नौ ब्लॉक हैं। हर ब्लॉक में दो स्कूल संचालित किए जाएंगे। इनमें 540 किसान नई तकनीक का पाठ पढ़ेंगे तथा वैज्ञानिक ढंग से खेती करेंगे।
बहुतायत किसान अभी भी परंपरागत खेती करते हैं। इससे लागत ज्यादा आती है और फसल उत्पादन कम मिलता है। इस समस्या से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने आत्मा योजना चला रखी है। इसमें किसानों तथा वैज्ञानिकों में सीधा संवाद तथा प्रशिक्षण आदि कराने के लिए फार्मर स्कूल खोले जा रहे हैं। इससे किसानों को आधुनिक खेती, फसलों को बीमारी से बचाने, रासायनिक उर्वरक तथा कीटनाशकों में कमी लाकर जैविक उर्वरक खपत बढ़ाने, मृदा जांच, बुआई से लेकर फसल कटाई तक का पाठ पढ़ाया जा सकेगा। 60 प्रतिशत पानी की बचत के लिए बौछारी व टपक विधि से खेतों की सिंचाई करने के लिए किसानों को मानसिक रूप से तैयार किया जाएगा।
किसानों को उपज की बिक्री के लिए बाजार की समझ पैदा करने, खेती आधारित दूसरे काम जैसे पशुपालन, मत्स्य पालन, मुर्गी पालन आदि की जानकारी विधिवत मिलेगी। एक फार्मर स्कूल से 30 किसानों को जोड़ा जाएगा जिसमें से किसी एक किसान के खेत पर कृषि विभाग के अधिकारी अपनी निगरानी में गेहूं-सरसों की खेती कराएंगे। किसान उसे देखकर कम जमीन पर कम लागत में ज्यादा उत्पादन पाने के गुर सीख सकेंगे। प्रत्येक फार्मर स्कूल पर 21,000 रुपये खर्च होंगे। कृषि उप निदेशक डॉ. अश्विनी सिंह ने कहा कि फार्मर स्कूल संचालित कर किसानों को वैज्ञानिक ढंग से खेती के गुर सिखाकर उनकी आय बढ़ाई जाएगी।