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नई ड्रेस के साथ स्कूली बैग के इंतजार में 1.04 लाख बच्चे

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अंबेडकरनगर। परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले 1.04 हजार छात्र-छात्राओं के अभिभावक के खाते में अभी तक डीबीटी की 12 सौ रुपया की धनराशि नहीं पहुंची है। इसके चलते ही शिक्षा सत्र शुरू हो जाने के साढ़े पांच माह बाद भी बच्चों को ड्रेस, स्कूली बैग, जूता, मोजा, पेंसिल व स्टेशनरी के बिना ही स्कूल जाने को विवश होना पड़ रहा है। जिम्मेदार इसके लिए अभिभावकों के खाते में आधार डेटा की फीडिंग न हो पाने को कारण बताकर चुप्पी साधे हैं।
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परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले नौनिहालों को डीबीटी के तहत स्कूली ड्रेस, जूता मोजा, स्टेशनरी व बैग इत्यादि की खरीद के लिए 1200 रुपया की धनराशि डीबीटी के तहत सीधे अभिभावकों के खाते में भेजी जाती है। जबकि अनुदानित विद्यालयों में योजना के तहत छह सौ रुपया की मदद राशि दी जाती है। जिले में संचालित 1582 परिषदीय विद्यालयों में 2.21 लाख बच्चे पंजीकृत हैं।
योजना के तहत बच्चों की ड्रेस समेत अन्य सामग्री की खरीद समय पर पहुंच सके, इसके लिए बच्चों के अभिभावकों के आधार कार्ड व खाते की फीडिंग की प्रक्रिया नए शिक्षा सत्र के साथ ही शुरू हो गयी थी। इसके बावजूद अभी तक 1.04 लाख बच्चों के अभिभावक के खाते की डेटा फीडिंग न हो पाने से डीबीटी की धनराशि अटकी पड़ी है।
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आलम यह है कि नया शिक्षासत्र के साढ़े पांच माह भी अब तक संबंधित छात्र-छात्राओं के अभिभावकों के खाते में डीबीटी योजना के तहत राशि नहीं भेजी जा सकी है। इससे इन बच्चों को पुरानी ड्रेस, स्कूल बैग व जूता मोजा के सहारे ही स्कूल जाने को मजबूर होना पड़ता है।
शीघ्र पूरा कराया जाएगा फीडिंग कार्य
डीबीटी योजना के तहत स्वीकृत धनराशि पाने से वंचित बच्चों के अभिभावकों के खाते में 1200 रुपया की राशि भेजने के लिए बचा हुआ फीडिंग कार्य तेजी से पूरा कराया जा रहा है। इसके लिए सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को जरूरी दिशा निर्देश दिए गए हैं।
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केके सिंह, प्रभारी बीएसए
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