कजाकिस्तान में कांस्य पदक जीतने के बाद भारतीय पहलवानों के साथ खड़े राम किशन तिवारी।
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वर्ल्ड नोमार्ट चैंपियनशिप प्रतियोगिता में भारत के पहलवान राम किशन को कांस्य पदक मिला है। राम किशन ने पाकिस्तानी पहलवान को चित कर मेडल अपने नाम किया है। इस जानकारी पर कौशाम्बी के लोगों में खुशी का माहौल है। लोग कहते सुने गए कि राम किशन ने जो वादा किया किया था, उसे पूरा कर दिया।
सिराथू तहसील के बम्हरौली निवासी पहलवान राम किशन उर्फ अर्जुन तिवारी कजाकिस्तान में होने वाली प्रतियोगिता में भारत की ओर से प्रतिभाग कर रहे थे। 100 किलो भार वर्ग में इनका फाइनल मुकाबला पाकिस्तानी खिलाड़ी से हुआ। इसमें राम किशन ने पाकिस्तानी पहलवान को चित कर कांस्य पदक जीता है। यह मुकाबला बृहस्पतिवार को खेला गया।
पहलवान राजेश पांडेय ने बताया कि राम किशन ने वादा किया था कि वह विदेशी धरती से मेडल लेकर ही लौटेंगे। उन्होंने अपना वादा पूरा किया। वहीं ओलंपिक संघ जिलाध्यक्ष डॉ. अरुण केसरवानी ने कहा कि राम किशन ने देश ही नहीं कौशाम्बी का भी मान बढ़ाया है।
खानदानी पहलवान राम किशन दो बार रह चुके नेशनल चैंपियन
कुश्ती से राम किशन का बचपन से नाता है। इनका परिवार खानदानी पहलवानों का है। राम किशन समेत इनके चार भाई भी पहलवानी करते हैं। छोटा भाई आकाश गैर प्रदेशों में होने वाली कुश्ती प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करता है। आमतौर पर जहां एक बार रामकिशन जीत जाते हैं, वहां दोबारा उनके सामने कोई हाथ मिलाने की हिम्मत नहीं जुटाता। राम किशन कुश्ती में छह बार स्टेट चैंपियन, सात बार मंडल केशरी व दो बार नेशनल चैंपियन रह चुके हैं।