महाकुंभ 2025 की परियोजनाओं में शामिल लाइट मेट्रो की सुविधा फिलहाल महाकुंभ के पहले नहीं मिल पाएगी। कारण साफ है, जनवरी बीत जाने के बावजूद अब तक धरातल पर काम नजर नहीं आ रहा है। ऐसे में अगर लाइट मेट्रो का काम आनन-फानन में शुरू भी किया जाता है, तो वर्ष के शेष 11 महीने में इसे पूरा कर पाना मुश्किल है। ऐसे में प्रयागराज की जनता को लाइट मेट्रो का आनंद 2025 के बाद ही मिलने की संभावना है।
हालांकि सर्वे के बाद मेट्रो लाइट ट्रेन संचालन के लिए दो रूट चुने गए हैं, जिसमें सर्वे का काम करने वाली राइट्स ने सभी रूट की रिपोर्ट देखने के बाद बमरौली-सिटी लेक फॉरेस्ट और शांतिपुरम-छिवकी रूट को चुना है। इसमें दोनों रूट को मिलाकर मेट्रो 44 किलोमीटर का सफर तय करेगी।
पहले रूट में बमरौली-सिटी लेक फॉरेस्ट के तहत बमरौली, शमीम मार्केट, ट्रांसपोर्टनगर, गयासुद्दीनपुर, मीरापट्टी, धूमनगंज, वसुंधरा विहार कॉलोनी, सूबेदारगंज, एल रोड, प्रयागराज जंक्शन, सिविल लाइंस बस स्टेशन, सिविल लाइंस, मेडिकल चौराहा, मधवापुर, संगम, आजादनगर, झूंसी, त्रिवेणीपुरम, सिटी लेक फॉरेस्ट शामिल है।
वहीं शांतिपुरम-छिवकी रूट में शांतिपुरम, गंगानगर, फाफामऊ एक्सटेंशन, पीतांबरनगर, एमएनएनआईटी, तेलियरगंज, मजार चौराहा, इलाहाबाद यूनिवर्सिटी, यूनिवर्सिटी रोड, कर्नलगंज, परेड ग्राउंड, मिंटो पार्क, महेवा पट्टी, अंबेडकरनगर, अरैल, नैनी बाजार रोड, नैनी, छिवकी है।
बता दें कि डीपीआर से पहले संस्था ने रूट का सर्वे किया था। पीडीए के उपाध्यक्ष अरविंद चौहान का कहना है कि मेट्रो लाइट चलाने के प्रस्ताव पर भी स्टेक होल्डर की बैठक होगी। इसमें डीपीआर प्रस्तुत किया जाएगा। जरूरत पड़ी तो स्टेक होल्डर के सुझाव पर डीपीआर में परिवर्तन भी किया जाएगा। इसके बाद शासन के माध्यम से केंद्र सरकार को भेजा जाएगा।