सांरगापुर स्थित लारेंस इंटरनेशनल स्कूल में बच्चों को संगीत के बारे में बताती पार्श्व गायिका तृप
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घूरपुर क्षेत्र के लारेंस इंटरनेशनल स्कूल सारंगापुर में मिलिये अपने मेहमान से कार्यक्रम में शनिवार को बच्चों ने कभी राम बनके, कभी श्याम बनके फेम पाश्र्व गायिका तृप्ति शाक्या से संगीत के गुण सीखे। बच्चों से अपनी सफ लता की कहानी बताते हुए तृप्ति शाक्या ने कहा कि संगीत हृदय में झरता है, संवेदनाओं में उतरता है। स्वर साधना एक तरह से ईश्वर साधना है। तृप्ति शाक्या ने बच्चों को लगन के साथ पढ़ने, सीखने और लक्ष्य की प्राप्ति के लिए मेहनत करने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य डॉ. अरुण प्रकाश ने कहा कि अभ्यास किसी भी चीज को परिपूर्ण बनाता है। लंबे समय तक अभ्यास करने के बाद हमारा काम प्राकृतिक, कौशलपूर्ण, तेज और स्थिर हो जाता है। तृप्ति शाक्या का स्वागत विद्यालय के बच्चों ने बुके एवं गुलाब का पुष्प देकर किया। मंच संचालन छात्रा पूर्णिमा तिवारी ने एवं धन्यवाद ज्ञापन ट्रस्टी मृदुला प्रकाश ने किया। इस अवसर पर कवि एवं गीतकार शरद कुमार मिश्र सहित विद्यालय के सभी शिक्षक एवं शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।
सांरगापुर स्थित लारेंस इंटरनेशनल स्कूल में बच्चों को संगीत के बारे में बताती पार्श्व गायिका तृप- फोटो : NAINI