भारतीय ज्ञान-परंपरा के अमर ग्रंथ श्रीमद्भगवद्गीता के शाश्वत संदेश को जन-जन तक पहुंचाने और युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कृति एवं आध्यात्मिक चेतना से जोड़ने के उद्देश्य से चिन्मय मिशन की ओर से ‘समष्टि गीता चैंटिंग’ का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम तीन अक्तूबर 2026 को चिन्मय अमृत महोत्सव श्रृंखला के अंतर्गत महर्षि पतंजलि विद्या मंदिर के प्रांगण में सुबह 10 बजे आयोजित होगा।
चिन्मय मिशन के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित इस कार्यक्रम में हजारों लोग एक साथ श्रीमद्भगवद्गीता के चयनित श्लोकों का सामूहिक मंत्रोच्चारण करेंगे। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल श्लोकों का पाठ करना नहीं, बल्कि सामूहिक साधना के माध्यम से ज्ञान, अनुशासन, एकाग्रता और आत्मबोध की चेतना को जागृत करना है।
जब अनेक कंठ एक साथ गीता के श्लोकों का लयबद्ध एवं अनुशासित उच्चारण करेंगे, तो यह व्यक्तिगत साधना से आगे बढ़कर सामूहिक आध्यात्मिक अनुभूति का रूप लेगा। इसके माध्यम से भारतीय ऋषि-परंपरा की उस ज्ञानधारा का स्मरण किया जाएगा, जिसने सदियों से मानव जीवन को कर्तव्य, समत्व, विवेक और आत्मसंयम का मार्ग दिखाया है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रोफेसर राजीव त्रिपाठी एवं डॉ. राजीव श्रीवास्तव होंगे। आयोजन के माध्यम से विशेष रूप से विद्यार्थियों और युवाओं को भारतीय संस्कृति की जड़ों से जोड़ने तथा अपनी गौरवशाली ज्ञान-परंपरा के प्रति आत्मीयता और सम्मान की भावना विकसित करने का प्रयास किया जाएगा।
तीन अक्तूबर को जब असंख्य कंठ एक साथ गीता के श्लोकों का उच्चारण करेंगे, तो यह केवल श्लोक-पाठ नहीं, बल्कि भारतीय ज्ञान-परंपरा के प्रति सामूहिक श्रद्धा और आत्मजागरण का स्वर होगा। चिन्मय मिशन ने इस आध्यात्मिक ज्ञान-यज्ञ में सभी गीता-प्रेमियों, विद्यार्थियों एवं अभिभावकों से सहभागी बनने का हार्दिक अनुरोध किया है।