राजरूपपुर के देव श्रीवास्तव का बृहस्पतिवार को नई दिल्ली जाने वाली नई वंदे भारत ट्रेन में रिजर्वेशन था। स्टेशन पहुंचने के बाद पता चला कि अभी बुधवार वाली वंदे भारत ही नहीं आई है। वह जब प्रयागराज होकर बनारस पहुंचेगी तो वापसी में वही प्रयागराज के रास्ते नई दिल्ली रवाना होगी। दो घंटे ट्रेन का इंतजार करने के बाद देव को मालूम पड़ा कि बुधवार की रात 9:15 बजे आने वाली वंदे भारत बृहस्पतिवार दोपहर दो बजे के बाद आएगी। इसके बाद देव अपना टिकट निरस्त करवा घर चले गए। लेटलतीफी की वजह से देव जैसे कई लोगों ने बृहस्पतिवार को अपने टिकट निरस्त करवा दिए।
दिल्ली रूट की ट्रेनें सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। सेमी हाई स्पीड वंदे भारत और राजधानी एक्सप्रेस जैसी सुपरफास्ट ट्रेनों की भी चाल पैसेंजर सरीखी हो गई है। देरी की वजह से नई दिल्ली से चलने वाली वंदे भारत बृहस्पतिवार को निरस्त कर दी गई। वहीं, सुबह 7:30 आने वाली वंदे भारत रात 11:00 तक जंक्शन नहीं पहुंच सकी थी। वीआईपी ट्रेन प्रयागराज एक्सप्रेस भी शाम 5:30 बजे के बाद प्रयागराज जंक्शन पहुंच सकी।
विलंब से आने की वजह से प्रयागराज जंक्शन से चलने वाली प्रयागराज रात 10:10 की जगह रात 11:50 बजे चलने की तैयारी की गई। इसी तरह हमसफर सवा नौ घंटे देरी से अपराह्न साढ़े तीन बजे आई। वापसी में हमसफर एक्सप्रेस रात 10:30 की जगह रात 11:30 बजे रवाना हुई।बीकानेर प्रयागराज एक्सप्रेस सुबह 5:00 की जगह दोपहर 12:30 बजे, मेरठ से प्रयागराज जाने वाली संगम एक्सप्रेस सुबह 8:35 की जगह दोपहर 3:00 बजे, रीवा एक्सप्रेस 10:30 घंटे, पुरुषोत्तम एक्सप्रेस 10:45 घंटे की देरी से जंक्शन पहुंची। दिनभर यात्री और उनके परिवार के लोग ट्रेन की लोकेश ट्रेस करते रहे। दिल्ली से आने वाली पटना, हावड़ा समेत तमाम राजधानी एक्सप्रेस ट्रेनें भी 14 से 16 घंटे की देरी से पहुंचीं।