उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने पीसीएस-जे 2022 की मुख्य परीक्षा में शामिल सभी 3019 अभ्यर्थियों की 18042 उत्तर पुस्तिकाओं का सत्यापन शुरू करा दिया है। एक अभ्यर्थी की अंग्रेजी विषय की उत्तर पुस्तिका में उसकी हैंडराइटिंग मैच नहीं करने संबंधी हाईकोर्ट में दाखिल याचिका पर सुनवाई के दौरान आयोग ने हलफनामा देकर यह जानकारी दी है। आयोग ने कहा है कि याची की शिकायत के बाद कॉपियों की जांच शुरू कर दी गई हैै, ताकि हैंडराइटिंग बदले जाने के आरोपों की असलियत सामने आ सके।
हाईकोर्ट ने इस मामले में आयोग को एक जुलाई को जांच का परिणाम बताने और याची की सभी उत्तर पुस्तिकाएं प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। याची श्रवण पांडेय ने अपनी अंग्रेजी की उत्तर पुस्तिका में हैंडराइटिंग बदलने की बात कही है। याचिका में कहा है कि आरटीआई के जरिये जब उसने अपनी कॉपी निकलवाई तब अंग्रेजी विषय की उत्तर पुस्तिका में हैंडराइटिंग बदली हुई मिली। हाईकोर्ट में प्रस्तुत हलफनामे में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने कहा है कि इस मामले में याची की ओर से 20 मई को इस आशय का शिकायती पत्र उनके कार्यालय में प्रस्तुत किया गया है।
इसमें आपत्ति उठाई गई है कि अंग्रेजी विषय की उत्तर पुस्तिका में उसकी हैंडराइटिंग मैच नहीं कर रही है। प्रकरण की गंभीरता को देख आयोग की ओर से इस गोपनीय प्रक्रिया का पुन: सत्यापन शुरू करा दिया गया है, ताकि पता चल सके कि इस प्रक्रिया में को विसंगति हुई है या नहीं।
इस परिप्रेक्ष्य में आयोग की ओर से सभी अभ्यर्थियों की 18042 उत्तर पुस्तिकाओं की जांच शुरू कर दी गई है। अपने हलफनामे में आयोग ने कहा है कि इस परीक्षा में कुल 3019 अभ्यर्थियों के छह विषयों की 18042 कॉपियों पर अनुक्रमांक के स्थापन पर फेक मास्टर कोड अंकित किए गए हैं। उन्हें डिकोड करने के बाद ही वास्तविक उत्तर पुस्तिका का पता लगाया जा सकेगा। इसके बाद ही इस अभ्यर्थी की अंग्रेजी विषय की कॉपी निकाली जा सकेगी। इसके लिए आयोग ने कोर्ट से कुछ और समय देने का आग्रह किया है। इस संबंध में आयोग के अफसरों से जब जानकारी पूछा गया कि सभी कॉपियों की जांच कराई जा रही है या पुनर्मूल्यांकन कराया जाएगा,तब उन्होंने कुछ भी कहने से इन्कार कर दिया।