इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि इंटरमीडिएट कॉलेजों में चतुर्थश्रेणी कर्मचारियों की नियुक्ति आउटसोर्सिंग से की जाएगी। प्रदेश सरकार द्वारा इस आशय की अधिसूचना जारी होने के बाद इस पद पर नियमित नियुक्ति की अनुमति नहीं दी जा सकती है। कोर्ट ने मर्चेंट इंटर कॉलेज बलिया की प्रबंध समिति को कालेज में रिक्त चतुर्थ श्रेणीकर्मी की भर्ती की अनुमति देने का जिला विद्यालय निरीक्षक को निर्देश देने से इंकार कर दिया है।
याचिका पर न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्र ने सुनवाई की। कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार ने माध्यमिक विद्यालयों में चतुर्थश्रेणी कर्मचारियों की भर्ती आउटसोर्सिंग से करने की अधिसूचना जारी की है। याचिका में इस नियम की वैधता को चुनौती नहीं दी गई है।
ऐसे में आउटसोर्सिंग से चतुर्थश्रेणी कर्मी की नियुक्ति के बजाय नियमित भर्ती करने की अनुमति देने का समादेश जारी नहीं किया जा सकता। नियमानुसार चतुर्थश्रेणी कर्मी की भर्ती जिला विद्यालय निरीक्षक के पूर्व अनुमोदन से ही की जा सकती है, मगर अब यह पद आउटसोर्सिंग से ही भरा जा सकता है। कोर्ट ने प्रबंध समिति से कहा है कि वह निरीक्षक से आउटसोर्स पर कर्मी की मांग कर सकता है।