इलाहाबाद। वर्ष 2005 में हुए बसपा के शहर पश्चिमी विधायक राजू पाल हत्याकांड के मुख्य गवाह उमेश पाल ने पूर्व सांसद अतीक अहमद और उनके भाई पूर्व विधायक खालिद अजीम अशरफ से फिर जान का खतरा जताया है। कुछ दिन पहले ही अदालत में गवाही दर्ज कराने वाले उमेश पाल ने डीजीपी, प्रमुख सचिव गृह, आईजी जोन और डीआईजी को प्रार्थनापत्र भेजकर कहा है कि अशरफ को हाईकोर्ट से जमानत पर रिहा करने के पीछे यह शर्त भी थी कि वह गवाह उमेश को कतई नहीं धमकाएंगे न तो उनके आवास के निकट जाएंगे। मगर 23 अगस्त को अशरफ कई गाड़ियों के काफिले में सुलेमसराय में जयंतीपुर स्थित उनके निवास के बाहर आकर देर तक मौजूद रहे। पिछले कुछ समय से उन्हें फर्जी मुकदमे में फंसाने के साथ ही अलग-अलग ढंग से धमकी दी जाती रही है। जीतेंद्र पटेल हत्याकांड में भी नामजद किया गया जिसमें उन्हें हाईकोर्ट से गिरफ्तारी पर स्टे आर्डर मिला है। उमेश पाल ने पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों को भेजे पत्र में गुहार लगाई है कि अतीक और अशरफ से उनकी जान की रक्षा की जाए। इस बारे में पूर्व सांसद अतीक अहमद का पक्ष जानने के लिए काफी प्रयास के बावजूद मोबाइल फोन पर संपर्क नहीं हो सका।