मुट्ठीगंज थाना क्षेत्र के मालवीय नगर में रविवार देर रात दो गुटों में गैंगवार हो गई। इसमें दोनों ओर से दर्जनों राउंड फायरिंग की गई। गोली लगने से एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे गंभीर हालत में एसआरएन अस्पताल में भर्ती कराया गया हैै। उधर, फायरिंग के दौरान ही पूर्व मेयर चौधरी जितेंद्र नाथ सिंह के आवास परिसर में रहने वाला जलकल विभाग का पंप ऑपरेटर भी जख्मी हुआ है। उसके हाथ में छर्रे लगे हैं। घटना के बाद मुट्ठीगंज और अतरसुइया थाना समेत कई थानोें की फोर्स मौके पर पहुंच गई। पुलिस का कहना है कि मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुट्ठीगंज क्षेत्र के मालवीय नगर में रहने वाले विमल पंडा और आशीष तिवारी के बीच लंबे समय से रंजिश चली आ रही है। पुलिस की मानें तो दोनों आपराधिक प्रवृत्ति के हैं और उनके बीच वर्चस्व को लेकर अक्सर भिड़ंत होती रहती है। रविवार करीब साढ़े 10 बजे भी दोनों गुट आमने-सामने हो गए। पहले गालीगलौच और फिर मारपीट हुई। कुछ देर बाद दोनों ओर से असलहे निकाल लिए गए और दर्जनों राउंड फायरिंग की गई। गैंगवार में आशीष के दोस्त सुनील विश्वकर्मा के पेट में गोली लगी और वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा। बताया जा रहा है कि घटनास्थल के पास ही पूर्व मेयर जितेंद्र नाथ सिंह का मकान है, जो अतरसुइया थाना क्षेत्र में लगता है। महज एक गली के फासले से दोनों थानों की सीमाएं तय होती हैं। पुलिस ने बताया कि फायरिंग के दौरान ही पूर्व मेयर के आवास परिसर में रहने वाला जलकल ऑपरेटर उमाकांत यादव बाहर निकला। इस दौरान हाथ में छर्रे लगने से वह भी घायल हो गया।
बताया जा रहा है कि सुनील को घायल अवस्था में लेकर उसके कुछ दोस्त एसआरएन अस्पताल पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने हालत गंभीर देर उसे भर्ती कर लिया। उधर छर्रे लगने से जख्मी उमाकांत को कॉल्विन अस्पताल ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे घर भेज दिया गया। घटना की खबर पाकर मौके पर अतरसुइया और मुट्ठीगंज थाने की फोर्स पहुंच गई। कुछ देर बाद सीओ बैरहना सुकीर्ति माधव और ट्रेनी आईपीएस धवल जायसवाल भी पहुंचे और पूछताछ की। दोनों अफसरों ने एसआरएन पहुंचकर घायल सुनील से भी पूछताछ की। सीओ ने बताया कि दो गुटों में वर्चस्व को लेकर हुए गैंगवार में सुनील को गोली लगी है जो आशीष का दोस्त है। पुलिस मामले की जांच पड़ताल में जुटी है। तहरीर मिलते ही सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुट्ठीगंज पुलिस की मानें तो गैंगवार में घायल सुनील शातिर अपराधी है। उसके ऊपर विभिन्न थानों में कई मुकदमे दर्ज हैं। एक बार उसे गोली भी लग चुकी है। मुट्ठीगंज एसओ निशिकांत प्रधान ने बताया कि गऊघाट का रहने वाला सुनील का नाम पहले भी विवादों में आ चुका है। हालांकि एसआरएन अस्पताल में भर्ती सुनील ने पूछताछ के दौरान सीओ को बताया कि वह नैनी का रहने वाला है। घटना के समय वह मालवीय नगर में रहने वाले अपने एक रिश्तेदार के घर आया था। वहीं दोस्त आशीष के आने पर वह बाहर निकलकर उससे बात करने लगा। तभी विमल पंडा आया और ताबड़तोड़ फायर करने लगा। जिसमें गोली लगने से वह घायल हो गया।
एसआरएन अस्पताल में सुनील को लाए जाने के दौरान उसके कुछ दोस्त भी वहां पहुंचे थे। पुलिस के वहां पहुंचने से पहले ही ज्यादातर वहां से गायब हो गए। हालांकि चार युवक पुलिस के हत्थे चढ़ गए। चारों को हिरासत में लेकर पुलिस मुट्ठीगंज थाने पहुंची जहां देर रात तक उनसे पूछताछ जारी थी। सूत्रों की मानें तो हिरासत में लिए गए युवक पहले भी आपराधिक वारदातों में जेल जा चुके हैं।