मीरगंज। धनेटा-शीशगढ़ रोड पर परतापुर के पास सोमवार अपराह्न करीब तीन बजे दो सड़क हादसों में दो युवकों की मौत हो गई और एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। दोनों हादसे करीब दो मिनट के अंतराल पर और करीब दो सौ मीटर के दायरे में हुए। गंभीर घायल युवक को बरेली के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। लोगों के मुताबिक दोनों ही हादसे एक ही वाहन से हुए हैं।
दुनका निवासी रिषभ गुप्ता पुत्र पप्पू गुप्ता (25) अपने साथी बकैनियां बीरपुर निवासी मनोज कुमार (20) के साथ बाइक से फतेहगंज पश्चिमी जा रहे थे। परतापुर से करीब दो सौ मीटर पहले फिदाईपुर के पास किसी वाहन ने पीछे से उनकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में मनोज कुमार ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि रिषभ गुप्ता घायल हो गए। हादसे में उनकी बाइक भी चकनाचूर हो गई। घायल रिषभ को अस्पताल में भर्ती कराया है।
वहीं दूसरी घटना कुछ ही देर बाद परतापुर से करीब 200 मीटर दूर हुई। दुनका के ही अफसार पुत्र अनवार (20) अपनी बाइक से दबा लेने बरेली जा रहे थे। परतापुर के पास शीशगढ़ की ओर से आए तेज रफ्तार बाहन की टक्कर बाइक से हो गई। हादसे में बाइक सवार अफसार की मौके पर ही मौत हो गई।
सूचना पर शाही थाना पुलिस पहुंच गई और मनोज व अफसार के शवों को पोस्टमार्टम को भेजा। स्थाानीय लोगों के मुताबिक सबसे पहले अज्ञात वाहन ने मनोज की बाइक में टक्कर मारी और इसके दो मिनट बाद ही अफसार की बाइक को कुचल दिया।
शादी तय हो गई थी मनोज की
मनोज कुमार दो भाइयों में बड़े थे। उनकी मीरगंज के गांव शीशमखेडा की गौंटिया से शादी तय हो गई थी। आठ साल पहले मनोज की मां की मौत हो चुकी है।
तीन बहनों के बीच अकेले भाई थे अफसार
अफसार अपने घर का इकलौता चिराग था। तीन बहनो के बीच वह अकेले भाई थे। बहनो की शादी हो चुकी है। पिता अनबार की चार साल पहले बीमारी से मौत हो चुकी है। मां हुशनेआरा का रो-रोकर बुरा हाल है। अफसार एक डाॅक्टर की दुकान पर काम करते थे। सुकली गांव में छोटा सा मेडिकल स्टोर खोल रखा है।
12 साल में संकरे मार्ग का नहीं हुआ चौड़ीकरण, आए दिन होते हैं हादसे
स्थानीय लोगों का कहना है कि धनेटा-शीशगढ़ रोड वर्ष 2011 में बना था, तब इस पर यातायात कम था। अब इस मार्ग पर वाहनों की संख्या कई गुना बढ़ गई है। लेकिन सड़क का चौड़ीकरण नहीं हुआ है। करीब 28 किलोमीटर लंबा यह मार्ग बमुश्किल पांच मीटर ही चौड़ा है। सड़क की कम चौड़ाई और वाहनों की अधिक रफ्तार के कारण यहां आए दिन हादसे होते रहते हैं और सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है। इस मार्ग से रुद्रपुर, नैतीताल, काशीपुर, बहेड़ी आदि के लिए हजारों वाहन गुजरते हैं।