यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए जाने को लेकर दिए गए आदेशों की लगातार अनदेखी करने के मामले में शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई की गई। यातायात पुलिस के एक टीएसआई को निलंबित कर दिया गया। जबकि, ट्रैफिक इंस्पेक्टर समेत आठ पुलिसकर्मियों के खिलाफ जांच शुरू करने के आदेश दिए गए हैं। कार्रवाई से यातायात पलिस में तैनात कर्मचारियों में हड़कंप मचा है।
यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए लगातार बैठकें की जा रही हैं। वरिष्ठ अफसर खुद इस मुद्दे को लेकर मातहतों संग चर्चा कर रहे हैं और योजनाएं भी बना रहे हैं। मौजूदा परिस्थितियों की चुनौतियों से जूझते हुए भी किस तरह से यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाया जाए, इसे लेकर लगातार दिशा-निर्देश भी दिए जा रहे हैं। इसके बावजूद कुछ यातायात पुलिसकर्मियों की शिकायतें लगातार पहुंच रही थीं। कार्यों में लापरवाही के साथ-साथ उनकी कई अन्य शिकायतें भी अफसरों तक पहुंच रही थीं।
अफसरों की ओर से इन शिकायतों पर एक गोपनीय जांच कराई गई। जांच में पाया गया कि संबंधित पुलिसकर्मियों पर लगे आरोप और उनके संबंध में मिलीं शिकायतें प्रारंभिक रूप से सही हैं। इस आधार पर ही शुक्रवार को कार्रवाई की गई। टीएसआई सुनील कुमार को निलंबित कर दिया गया। साथ ही विभागीय जांच के भी आदेश दिए गए। इसके अलावा टीआई संताेष सिंह व सात अन्य यातायात पुलिसकर्मियों के खिलाफ जांच भी बैठा दी गई।
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शिकायतों के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। टीआई समेत आठ पुलिसकर्मियों के खिलाफ जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।
-आशुतोष द्विवेदी, डीसीपी यातायात
स्वीकृत पदों से ज्यादा टीआई हैं तैनात
-प्रयागराज कमिश्नरेट में ट्रैफिक इंस्पेक्टर के कुल छह पद हैं स्वीकृत
-वर्तमान में आठ ट्रैफिक इंस्पेक्टर हैं तैनात
-टीएसआई के 36 पद हैं स्वीकृत
-35 टीएसआई वर्तमान में जिले में हैं तैनात
-मुख्य आरक्षी-आरक्षियों की कमी से जूझ रहा जनपद
-आधे से ज्यादा पद हैं खाली
-कमी के चलते ही होमगार्डों से कराई जा रही ट्रैफिक ड्यूटी