Prayagraj News : पूर्व सांसद अतीक अहमद।
- फोटो : प्रयागराज
धूमनगंज में आठ लोगों पर हत्या के प्रयास, रंगदारी मांगने समेत अन्य आरोपों में दर्ज मामले में अहम बात सामने आई है। पता चला है कि इनमें तीन नामजद आरोपी वह हैं जो माफिया अतीक अहमद पर पूर्व में मुकदमा दर्ज करा चुके हैं। यह महज संयोग है या कुछ और, फिलहाल यह राज विवेचना में खुलेगा। धूमनगंज में दो दिसंबर को राजरूपपुर निवासी अधेड़ ने मुकदमा लिखाया है। आरोप है कि घर में घुसकर उससे 20 लाख की रंगदारी मांगी गई। साथ ही नाबालिग से छेड़छाड़ भी की गई। उसने यह भी बताया कि आरोपी खुद को अतीक अहमद का आदमी बता रहे थे।
आरोपियों में अतीक का रिश्तेदार इमरान व उसका भाई जीशान, समीर, शनि, सनकी, मो. मेराज, आलम व मकसूद शामिल हैं। यह बात सामने आई है कि इनमें से तीन आरोपी ऐसे हैं, जो पूर्व में अतीक अहमद या उसके गुर्गों पर एफआईआर दर्ज करा चुके हैं। इनमें जीशान, मकसदू व आलम शामिल हैं।
जीशान ने पिछले साल करेली व इसी साल अगस्त में पूरामुफ्ती में अतीक समेत अन्य जबकि चकिया निवासी मकसूद ने अतीक के खास गुर्गे असाद, आरिफ उर्फ खचौली, नामी व फैजान पर धूमनगंज थाने में केस दर्ज कराया था। अब यह महज संयोग है या कुछ और, इसे लेकर सवाल उठ रहे हैं।
पुलिस ने नकारे आरोप, कहा नहीं मिली शिकायत
इस मामले में वादी की ओर से लगाए गए कार्रवाई न करने के आरोप को फिलहाल पुलिस की ओर से गलत बताया गया है। गौरतलब है कि वादी ने तहरीर में आरोप लगाया है कि 31 अक्तूबर को घटना के अगले ही दिन उसने थाने में लिखित तहरीर दी लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। आरोप यह भी है कि अफसरों को भी कई प्रार्थनापत्र दिए जाने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। धूमनगंज इंस्पेक्टर राजेश मौर्य का कहना है कि उन्हें कोई तहरीर नहीं मिली। उधर एसीपी धूमनगंज एनएन सिंह का भी कहना है कि उनके पास कोई शिकायत नहीं आई।