साधन सहकारी समितियों में यूरिया न होने के चलते किसानों को परेशान होना पड़ रहा है। वहीं, निजी दुकानदारों के यहां यूरिया डंप पड़ी हुई है। किसानों का कहना है कि वह महंगे दाम में खाद बचे रहे हैं। शिकायत के बाद भी जिम्मेदार लापरवाह बने हुए हैं। मेजा की कई समितियों में खाद नहीं होने से किसान परेशान हैं। मेजा ब्लॉक के एडीओ कोऑपरेटिव एसएन दूबे का दावा है कि छह समितियों में यूरिया की किल्लत नहीं है। अमोरा के किसान आनंद तिवारी ने बताया कि पखवाड़े भर से तेंदुआ साधन सहकारी समिति से यूरिया गायब है। वहीं मेजिया के किसान रामबाबू ने बताया कि साधन सहकारी समिति लक्षनकापूरा की पॉस मशीन में आई तकनीकी खराबी से यूरिया नहीं मिल पा रही है। एडीओ कोऑपरेटिव एसएन दूबे ने बताया कि पॉस मशीन खराब होने की वजह से ही साधन सहकारी समिति लक्षनकापूरा से जुड़े 16 सौ किसानों को कोंहड़ार समिति में संबद्ध किया गया है। कई किसानों का कहना है कि 15 किलोमीटर दूर स्थित कोंहड़ार साधन सहकारी समिति में खाद लेने जाना पड़ता है।