शाही। मायके से लौटते समय अनीता की हत्या की बात सामने आ रही है। पुलिस की सूचना पर मौके पर पहुंचे मृतका के पति सोमपाल व बेटे राजीव ने शव की शिनाख्त की। राजीव ने बताया कि उनकी मां अनीता सोमवार को अपने मायके फतेहगंज पश्चिमी के गांव खिरका गई थीं। वह खुद साइकिल से मां को बुझिया माइनर तक छोड़कर आया था। वहां से मंगलवार सुबह 11 बजे वह घर लौटने की बात बात कहकर निकली थीं। इसके बाद यह घटना हो गई।
सोमपाल के मुताबिक अनीता का बैंक खाता बैंक ऑफ बड़ौदा की फतेहगंज पश्चिमी शाखा में है। कुछ रुपया फिक्स डिपाजिट भी कर रखा है। अनीता कुछ महीने बाद जाकर बैंक से रुपये का लेनदेन करती थीं, ताकि खाता बंद न हो जाए। आशंका जताई कि हो सकता है कि अनीता ने बैंक जाकर रुपये निकाले हों और उन्हीं रुपयों की खातिर उसकी हत्या की गई हो। हालांकि, पासबुक पर नई प्रविष्टि दर्ज नहीं होने से इसे लेकर असमंजस बना है। बुधवार को बैंक जाकर स्थिति साफ होगी कि अनीता ने वहां से कोई रकम निकाली थी या नहीं। लोग चर्चा कर रहे हैं कि हौसपुर के अधिकतर लोग बस या ऑटो से बुझिया माइनर पर उतरकर पैदल चकमार्ग के रास्ते गांव जाते हैं। हो सकता हैं अनीता भी पैदल जा रही हों, किसी ने लूटकर पहचान खुलने के डर से उनकी हत्या कर दी हो।
डॉग स्क्वॉड भी भ्रमित
डॉग स्क्वॉड एवं फॉरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए। खोजी श्वान 100 मीटर तक गया, लेकिन कोई स्पष्ट संकेत नहीं दे सका।
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वर्जन
शाही में महिला का शव मिला है। उसकी हत्या की आशंका जताई जा रही है। पुराने मामलों से इसका जुड़ाव तो नहीं है, इसकी भी जांच कराई जाएगी। - अनुराग आर्य, एसएसपी
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नौ महिलाओं की एक तरीके से हुई थी हत्या, कई गुित्थयां अनसुलझी
बरेली। शाही व शीशगढ़ थाना क्षेत्र में पिछले साल सिलसिलेवार नौ महिलाओं की हत्या की गई थी जो पुलिस के लिए आज भी सिरदर्द बनी हुई हैं। गांव लखीमपुर की महमूदन, कुल्छा की धानवती, सेवा ज्वालापुर की वीरावती, खजुरिया निवासी कुसुमा देवी, शाही के मुबारकपुर की शांति देवी, आनंदपुर की प्रेमवती, मीरगंज थाना क्षेत्र के गांव गूला की रेशमा व शाही के खरसैनी की दुलारी देवी की पांच महीने में जान चली गई थी। अधिकतर महिलाओं के गले में फंदा कसा मिला था। कुछ के शव खराब हो चुके थे तो पुलिस ने विसरा रिपोर्ट के बहाने हत्या की बात खारिज कर दी। शुरू के एक मामले में परिजनों ने न तहरीर दी और न पोस्टमॉर्टम कराया। बाकी में कुछ हत्याओं का खुलासा किया गया है पर उनके सटीक होने को लेकर संदेह है। तीन मामलों में पुलिस आज तक माथापच्ची कर रही है पर खुलासे का रास्ता नहीं मिल रहा।
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आईजी ने लगाई भारी भरकम टीम तो थमे मामले
लगातार घटनाओं के बाद आईजी डॉ. राकेश कुमार सिंह ने एसएसपी को तलब कर लिया था। थाना प्रभारी को निलंबित कर वहां के थानों में अतिरिक्त फोर्स भेजा गया था। करीब तीन सौ पुलिसकर्मी, एसओजी ने कई महीने तक गश्त की। गांव के कई सनकी व विक्षिप्तों से लेकर पेशेवर अपराधियों की मॉनीटरिंग की गई। नतीजा बस इतना निकला कि उस वक्त घटनाएं थम गई थीं।