बार कौंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष हरिशंकर सिंह ने कहा है कि इन दिनों सोशल मीडिया पर एक प्रोफार्मा शेयर किया जा रहा है, जिसके बारे में कहा जा रहा है कि इसे भरकर देने पर कौंसिल से आर्थिक सहायता मिलेगी, जबकि वास्तविकता यह है कि कौंसिल ने ऐसा कोई फार्म जारी नहीं किया है। यह फार्म झूठा है। उन्होंने बताया कि विधि मंत्री बृजेश पाठक ने गत दिनों 2017, 18 और 19 में पंजीकरण करने वाले वकीलों को हर माह पांच हजार रुपये देने को वादा किया था। सरकार को यह रकम देनी चाहिए, ताकि युवा वकीलों की मदद हो सके। अध्यक्ष ने बताया कि बार कौंसिल आफ इंडिया ने जो एक करोड़ रुपये आर्थिक मदद का वादा किया था वह रकम भी अभी तक नहीं दी है।