क्षेत्र के करछना कस्बा स्थित एक गेस्ट हाउस में मंगलवार को अपनी माटी, परिपाटी, लोक सांस्कृतिक से अनुरंजिता कजरी गीतों की परंपरा को संजोए रखने के उद्देश्य से रामायतन सेवा संस्थान एवं शिव भक्ति फाउंडेशन के तत्वावधान में कजरी महोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि लोकेश शुक्ला पूर्व निदेशक आकाशवाणी, विशिष्ट अतिथि कवियत्री रीता बाजपेयी रहीं। आयोजन लोक गायिका मोहिनी श्रीवास्तव ने इन्हें पुष्प गुच्छ देकर स्वागत किया। कार्यक्रम में सर्वप्रथम शिखा सिंह ने सरस्वती वंदना की प्रस्तुति दिया। इसके बाद ग्रामीण महिला कलाकार शीलू द्विवेदी ने दातूर मोर पपीहा बोले,रंजना त्रिपाठी की टीम ने हमारे मिर्जापुर में मदमस्ती का जाल बा, बड़ा बेमिसाल बा ना। खेले गैली कजरी कन्हैया धइले अचरी, अचरवा में लागल है रे झालर मोतिया। हिंडलवा लागल हइ कदमवा भौजी, चलहु झूले न पियवा सावन में विदेशवा ननदो आदि पारंपरिक गीतों की प्रस्तुति दिया। शगुन की टीम ने बरसो रे मेघा मेघा की गीत पर नित्य की प्रस्तुति दिया। कार्यक्रम का संचालन डा.राजेंद्र शुक्ला ने किया। इस मौके पर हास्य कवि अशोक बेशरम, सोमनाथ शुक्ला,रीना पांडे, ओम शिवम पांडे, मिथिलेश रही सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।