बांदा से मरीज का इलाज कराने एसआरएन आए तीमारदारों की बेरहमी से पिटाई कर दी गई। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इसमें दिख रहा है कि अस्पताल में युवक की जमकर पिटाई की जा रही है। मामले में पुलिस को तहरीर दे दी गई है। देर रात खबर लिखे जाने तक कोतवाली थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की थी।
सोमवार शाम को एसआरएन वार्ड-12 में रिपोर्ट दिखाने को लेकर जूनियर डॉक्टरों और तीमारदार के बीच बहसबाजी हो गई। मामला इस कदर बिगड़ा कि इनमें आपस में हाथापाई शुरू हो गई। करीब एक घंटे तक चले हंगामे के बाद पुलिस पहुची। कोतवाली थाना प्रभारी रोहित कुमार ने बताया कि बांदा के थाना बबेरू ग्राम साथी की रहने वाली कुन्नी देवी अपने बेटे अंकित पटेल, भतीजे रोहित के साथ बहू सुमन का इलाज कराने एसआरएन आईं थीं।
रविवार रात घर की सीढ़ियों से गिरने के कारण सुमन के सिर पर गंभीर चोटें आई थीं। देर शाम रोहित वार्ड-12 नंबर में रिपोर्ट और दवा दिखाने के लिए गया। इसी बीच डॉक्टरों से उसकी मारपीट शुरू हो गई। मामला इतना बढ़ा कि वार्ड में ही लात घूंसे चलने लगे। लोगों ने बीच बचाव किया, लेकिन मामला शांत नहीं हुआ। बचाव कर रही कुन्नी देवी को भी चोटें आई हैं। अपने सामने बेटे अंकित व भतीजे रोहित को पिटता देख कुन्नी देवी बेहोश हो गईं।
कमरे में घुसने को लेकर हंगामा
थाना प्रभारी ने बताया कि उक्त सूचना पर कांस्टेबल राघवेद्र सिंह व हेड कांस्टेबल श्याम सुंदर प्रसाद घटनास्थल पर पहुंचे। इस दौरान पुलिस की टीम ने पाया कि तीमारदार से हाथापाई हो रही है। पुलिस ने बीच बचाव करने का प्रयास किया। करीब 12 से 15 अज्ञात डॉक्टरों पर मारपीट का आरोप है। जांच में पता चला है कि रिपोर्ट दिखाने के लिए कमरेे में घुसने से मना करने पर हंगामा हुआ है। मामले में हर बिंदुओं पर जांच की जा रही है।
पुलिस को दी तहरीर में पीड़िता बोलीं, डॉ. को भगवान मानती थी
पुलिस को दी तहरीर में कुन्नी देवी ने बताया कि बहू के इलाज के लिए एसआरएन आई थी। शाम करीब सात बजे रिपोर्ट और दवा दिखाने के लिए वार्ड नंबर-12 भेजा गया था। तभी चीख-पुकार की आवाज सुनाई पड़ी। मैं और बेटा अंकित भागकर पहुंचे तो देखा कि भतीजे रोहित पटेल को तीन लोग (डॉक्टर) मिलकर बेरहमी से मारपीट रहे थे। बचाने की कोशिश की गई तो गाली- गलौज देते हुए उनकी भी पिटाई करने लगे। आरोप है कि शरीर में गलत जगह पर हाथ लगाते कपड़े तक फाड़ दिए गए। पीड़िता ने कहा कि डॉक्टर को भगवान जानती थी, लेकिन इस घटना से मेरा विश्वास ही उठ गया है।
अस्पताल प्रशासन से नहीं मिला जवाब
घटना के बाद मेडिकल कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. वत्सला मिश्रा और स्वरूप रानी अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. अजय सक्सेना ने कई बार फोन करके संपर्क साधने की कोशिश की गई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। वहीं, रेजिडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष सचिन कुमार ने बताया कि मामला संज्ञान में हैं। फिलहाल ये जांच का विषय है।