जिला अदालत ने मां-बेटों के खिलाफ दुष्कर्म के आरोप में एफआईआर दर्ज करने की मांग वाली अर्जी खारिज कर दी। अपर सत्र न्यायाधीश (एडीजे) कु. अनीता की अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि मां के सामने बेटा दुष्कर्म जैसा कृत्य करे यह आरोप भरोसेमंद नहीं है। मामला प्रयागराज के मेजा थाना क्षेत्र का है।
पीड़िता ने आरोप लगाया है कि वह नैनी निवासी विपक्षी मां-बेटों के घर पर किरायेदार थी। मकान खाली करवाने व समान हड़पने के लिए उन्होंने झूठी एफआईआर दर्ज करवाकर जेल भेज दिया था। जेल से लौटने के बाद जब वह अपना सामान लेने गई तो विपक्षी मां-बेटों ने उसे नशीला पदार्थ खिलाकर मारपीट व दुष्कर्म किया। इसकी शिकायत पुलिस से की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद पीड़िता ने एसीजेएम की अदालत में एफआईआर दर्ज कराने की अर्जी दाखिल की थी, लेकिन वह खारिज हो गई। इसके बाद पीड़िता ने सत्र न्यायालय का रुख किया। अपर सत्र न्यायाधीश ने भी पीड़िता की अर्जी खारिज कर दी है।