पत्थर गिरजाघर धरनास्थल पर प्रदर्शन करते युवा मंच के कार्यकर्ता।
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पुरानी नियमावली और पुराने परीक्षा पैटर्न के आधार पर टीजीटी-पीजीटी भर्ती का विज्ञापन जारी करने की मांग को लेकर युवा मंच के बैनर तले पत्थर गिरजाघर, सिविल लाइंस में चल रहा अनिश्चितकालीन अनशन चौथे दिन भी जारी रहा। आंदोलन में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी शामिल हुए। युवा मंच के प्रदेश अध्यक्ष अनिल सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा टीजीटी भर्ती में सामान्य अध्ययन और टीईटी की पात्रता को शामिल किए जाने से बड़ी संख्या में योग्य अभ्यर्थियों के भर्ती प्रक्रिया से बाहर होने का खतरा है। उन्होंने कहा कि अचानक नियमों में बदलाव से लाखों अभ्यर्थियों के सामने संकट खड़ा हो गया है।
उन्होंने पीजीटी/प्रवक्ता भर्ती में बिना बीएड वाले अभ्यर्थियों को पूर्व व्यवस्था के समान अवसर दिए जाने की मांग की। युवा मंच का कहना है कि टीजीटी-पीजीटी के करीब 20 हजार रिक्त पदों पर पुरानी नियमावली के अनुसार विज्ञापन जारी किया जाना चाहिए। संगठन के मुताबिक करीब सात लाख प्रभावित अभ्यर्थी नौकरी देने की मांग नहीं कर रहे, बल्कि प्रतियोगिता में शामिल होने का अवसर चाहते हैं।
अनिल सिंह ने कहा कि वर्ष 2022 में टीजीटी-पीजीटी के 4,163 पदों का विज्ञापन जारी हुआ था, जिसकी प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं हुई है। ऐसे में 2026 में करीब 20 हजार पदों पर पुरानी नियमावली के आधार पर नया विज्ञापन जारी करने में कोई बाधा नहीं होनी चाहिए। युवा मंच ने सरकार से मांगों पर तत्काल निर्णय लेने की अपील करते हुए कहा कि ठोस फैसला होने तक आंदोलन जारी रहेगा।