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इविवि के शिक्षकों को भी चाहिए लीव एनकैशमेंट

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इविवि के शिक्षकों को भी चाहिए लीव एनकैशमेंट ० जून में काम किए जाने से संबंधित अंडरटेकिंग लिए जाने पर तेज हुई मांग, ऑटा ने रजिस्ट्रार को भेजा पत्र ० यूजीसी रेगुलेशन-२०१८ में भी है भुगतान का प्रावधान, अन्य विश्वविद्यालयों के शिक्षकों को मिल रहा फायदा प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के शिक्षकों को भी लीव एनकैशमेंट यानी अर्जित अवकाश का भुगतान चाहिए। शिक्षकों से जून माह में होने वाली गर्मी की छुट्टी में कार्य किए जाने से संबंधित अंडरटेकिंग लिए जाने के बाद इस मांग ने तेजी पकड़ ली है। ऑटा की ओर से इविवि के रजिस्ट्रार को पत्र लिखकर शिक्षकों को यह लाभ दिए जाने की मांग की गई है। शिक्षकों का कहना है कि यूजीसी रेगुलेशन-२०१८ में भी शिक्षकों को अर्जित अवकाश का भुगतान किए जाने का प्रावधान किया गया है। दरअसल, इविवि में कर्मचारियों को रिटायरमेंट पर ३०० दिनों का अर्जित अवकाश का भुगतान किया जाता है लेकिन शिक्षकों को यह लाभ नहीं मिलता है। इविवि प्रशासन का तर्क है कि जून में गर्मी की छुट्टी होती है। शिक्षक एक माह से अधिक समय तक छुट्टी पर रहते हैं। ऐसे में उन्हें अर्जित अवकाश नहीं दिया जा सकता। यह व्यवस्था शुरू से लागू है। लेकिन पिछले दिनों जून में शिक्षकों को दिए गए परिवहन भत्ते पर सीएजी टीम की ऑडिट आपत्ति के बाद इविवि प्रशासन ने शिक्षकों से इस बात की अंडरटेकिंग मांग ली कि उन्होंने जून माह में भी काम किया। शिक्षकों को अब लिखकर देना है कि वे जून में किन कार्यों के लिए इविवि आए और इसके एवज में उन्होंने परिवहन भत्ते का भुगतान प्राप्त किया। इलाहाबाद विश्वविद्यालय अध्यापक संघ (ऑटा) के वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रो. एआर सिद्दीकी ने रजिस्ट्रार को पत्र लिखकर कहा है कि अर्जित अवकाश के भुगतान के मामले में लंबे समय से शिक्षकों की मांग को अनदेखा किया जा रहा है। अब शिक्षकों से अंडरटेकिंग ली जा रही है कि वे प्रवेश परीक्षा, शोध कार्य आदि के लिए जून में भी विश्वविद्यालय आकर काम करते हैं। अंडरटेंकिंग लेने के बाद यह स्पष्ट हो जाता है कि शिक्षक जून के महीने में भी काम कर रहे हैं। इसके साथ ही यूजीसी रेगुलेशन-२०१८ में भी शिक्षकों को रिटायरमेंट पर अर्जित अवकाश के भुगतान का प्रावधान किया गया है। साथ ही जेएनयू, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी समेत कई विश्वविद्यालयों में शिक्षकों को यह लाभ मिल रहा है। ऐसे में इविवि प्रशासन पूर्व में रिटायर होने चुके शिक्षकों और वर्तमान शिक्षकों की सेवानिवृत्ति पर उन्हें नियमों के तहत ३०० दिनों के अर्जित अवकाश का भुगतान करे।
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