बिजली उपभोक्ताओं को बिलिंग की समस्याओं से छुटकारा दिलाने के लिए नई व्यवस्था शुरू की जा रही है। अब जिले में पांच किलोवाट से ऊपर की क्षमता वाले सभी कनेक्शनों की एमआरआई (मीटर रीडिंग इंस्ट्रूमेंट) से बिजली के बिल तैयार किए जाएंगे। साथ ही तीन व चार किलोवाट वाले कनेक्शनों पर भी जल्द यह व्यवस्था लागू होगी। ऊर्जा निगम के चेयरमैन डॉ.आशीष गोयल ने आदेश जारी किए हैं।
इसी माह से पांच किलोवाट के ऊपर वाले सभी कनेक्शन के बिजली बिल इस मशीन से तैयार होंगे। आगामी महीनों में तीन व चार किलोवाट वाले भी बिल इसी से तैयार होंगे। दस किलोवाट के ऊपर के उपभोक्ताओं की एमआरआई से बनने वाले बिजली बिल के अपेक्षित परिणाम और राजस्व मिलने की वजह से महकमे ने यह निर्णय लिया है।
अब तक की व्यवस्था के तहत मीटर रीडर उपभोक्ताओं के घर जाकर मीटर की रीडिंग करता था। इसी रीडिंग के आधार पर बिजली के बिल तैयार होते थे। मीटर में खराबी या छेड़खानी होगी तो भी फौरन पकड़ में आ जाएगी। मुख्य अभियंता प्रमोद सिंह ने कहा कि एमआरआई आधारित बिलिंग का निर्णय लिया गया है। संवाद