इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पिछले 10 वर्षों से जेल में बंद वृद्ध और बीमार हत्या अभियुक्त को सुनाई गई सजा निलंबित करते हुए उसे जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। रनवीर सिंह की आपराधिक अपील पर सुनवाई करते हुए यह आदेश न्यायमूर्ति गोविंद माथुर ने दिया। रनवीर सिंह को जालौन (उरई) सेशन कोर्ट ने 16 जून 2009 को हत्या और हत्या के प्रयास के मामले में उम्र कैद की सजा सुनाई थी। तब से वह लगातार जेल में बंद है। उसके पुत्र की ओर से अर्जी दाखिल कर कहा गया उसके पिता वृद्ध और बीमार हैं इसलिए उनकी सजा को निलंबित कर उनको रिहा किया जाए। अभियोजन की ओर से अर्जी का विरोध किया गया तथा कहा गया कि अभियुक्त को हत्या का दोषी करार दिया गया है। जबकि बचाव पक्ष का कहना था कि अवर न्यायालय द्वारा सजा सुनाए जाने में गलती की गई है और अभियुक्त के खिलाफ साक्ष्य नहीं है। कोर्ट ने केस की मेरिट पर कोई राय दिए बिना अभियुक्त को सुनाई गई सजा निलंबित करने और उसे जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है।