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Prayagraj News: सुभाष ने लीक कराया पेपर, राजीव नयन के नेटवर्क से डील

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आरओ/एआरओ परीक्षा पेपर लीक प्रकरण में मेरठ जेल में राजीव नयन से पूछताछ में अहम खुलासे हुए हैं। एसटीएफ की अब तक कि जांच में साफ हो गया है कि सुभाष ने पेपर लीक कराया। इसके बाद अभ्यर्थियों से पेपर की डील राजीव नयन मिश्र के नेटवर्क से हुई। यह भी पता चला है कि यह पहली बार था जब सुभाष ने किसी परीक्षा का पेपर लीक कराया।
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एसटीएफ सूत्रों के मुताबिक राजीव नयन ने बताया कि जिस वक्त यह पेपर लीक कराया, उस समय वह गुजरात में था। सुभाष ने पेपर लीक कराने के बाद इसे उसके मोबाइल पर भेजा। दरअसल, उसने पहले ही उससे कहा था कि वह एक बड़ा काम करने वाला है। हालांकि, वह सिपाही भर्ती परीक्षा का पेपर लीक कराने में जुटा था, ऐसे में वह उसी में लगा रह। 10 फरवरी की शाम जब उसके मोबाइल पर सुभाष ने आरओ/एआरओ परीक्षा का पेपर भेजा तो वह हैरान रह गया।
राजीव नयन ने यह भी बताया कि उसने सुभाष से पूछा कि उसे पेपर कहां से मिला। हालांकि, उसने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। सुभाष ने पहली बार कोई पेपर लीक कराया था, इसलिए उसे संदेह था। इसीलिए उसने डाॅ.शरद को भी पेपर भेजा, जो अपने दोस्त सौरभ शुक्ला व कमलेश पाल के जरिये कटरा स्थित सेंटर से पेपर लीक कराने की तैयारी में था। डॉ.शरद ने ही गोंडा के अमित सिंह व अन्य को पेपर भेजकर अभ्यर्थियों से डील कराई।
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उधर, कटरा स्थित बिशप जॉनसन गर्ल्स स्कूल केंद्र से पेपर लीक होने के बाद जब कमलेश ने डॉ.शरद को फोटो भेजी। तब जाकर इसकी पुष्टि हुई कि एक दिन पहले सुभाष ने जो पेपर लीक कराया, वह सही था। राजीव नयन से पूछताछ के बाद एसटीएफ का मानना है कि पेपर जहां सुभाष ने लीक कराया, वहीं अभ्यर्थियों से डील के लिए राजीव नयन व उसके गिरोह के नेटवर्क का इस्तेमाल किया गया। यही वजह रही कि अभ्यर्थियों से डील की पूरी प्लानिंग व इसमें शामिल लोगों का नाम सामने आ चुका है। हालांकि, सुभाष ने पेपर कहां से लीक कराया, यह राज अभी बना हुआ है। फिलहाल, एसटीएफ की टीम पूरी ताकत से सुभाष को तलाशने में जुटी है।
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