इलाहाबाद हाईकोर्ट ने डायोसिस ऑफ लखनऊ के बिशप मॉरिस एडगर दान, उसके बेटे एलन दान और संस्था के सचिव राकेश चत्री के खिलाफ दर्ज सामूहिक दुष्कर्म मामले में उनकी गिरफ्तारी पर लगी रोक चार हफ्ते के लिए बढ़ा दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति अजय भनोट, न्यायमूर्ति लक्ष्मीकांत शुक्ला की खंडपीठ ने मोरिस एडगर दान व अन्य की याचिका पर दिया है।
मामला प्रयागराज के कर्नलगंज थाना क्षेत्र का है। एक प्रसिद्ध स्कूल की पूर्व प्रधानाचार्य की तहरीर पर सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज है। पीड़िता का आरोप है कि तलाकशुदा महिला होने के कारण उसका नाजायज फायदा उठाते हुए आरोपी अपने ऑफिस में बुलाकर छेड़खानी करते थे। शिकायत पर नौकरी से निकालने की धमकी देते थे।
आरोपियों ने एफआईआर को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट का रुख किया है। इससे पहले चार जून को बहस के दौरान पक्षकारों में समझौता होने की संभावना जताई गई थी। इस आधार पर कोर्ट ने आरोपियों की गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगाई थी, जिसे अब कोर्ट ने चार हफ्ते के लिए और बढ़ा दी है।