इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के छात्र के खिलाफ सीएए/एनआरसी के विरोध में प्रदर्शन के दौरान दर्ज मुकदमे में जारी समन आदेश व मुकदमे की पूरी प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति संजय कुमार पचोरी ने मिस्बाह कैसर की अर्जी पर दिया।
एएमयू के बी.आर्क छात्र मिस्बाह पर अलीगढ़ के सिविल लाइंस थाने में वर्ष 2020 में मुकदमा दर्ज किया गया। आरोप था कि उसने सीएए/एनआरसी के विरोध में नारे लगाए व लोक सेवक के आदेश का उल्लंघन कर रास्ता रोका। इससे लोगों को आवागमन करने में परेशानी हुई। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में मामला लंबित है। याची ने हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल कर संज्ञान/समन आदेश व मुकदमे की पूरी कार्रवाई को रद्द करने की मांग की।
याची अधिवक्ता अली बिन सैफ व कैफ हसन ने दलील दी कि याची पर झूठे और परेशान करने की नीयत से मुकदमा दर्ज किया गया था। कथित अपराध के संबंध में कोई साक्ष्य नहीं है। संज्ञान आदेश पारित करते समय कानून का पालन नहीं किया गया। अपर शासकीय अधिवक्ता ने दलीलों का विरोध किया।