इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कन्नौज के किशुनगंज थाना क्षेत्र के गजेंद्र व दो अन्य के खिलाफ सिविल जज छिबरामऊ की अदालत में विचाराधीन आपराधिक कार्यवाही पर रोक लगा दी है। शिकायतकर्ता रसूलाबाद गांव की रोशनी को नोटिस जारी कर दो हफ्ते में जवाब मांगा है।
यह आदेश न्यायमूर्ति एसके पचौरी ने गजेंद्र व दो अन्य की याचिका पर दिया है। याचिका पर अधिवक्ता शैलेंद्र कुमार उपाध्याय व दिव्यांशु तिवारी ने बहस की। इनका कहना है कि आरोपों से उनके खिलाफ कोई आपराधिक केस नहीं बनता। झूठी एफआईआर दर्ज की गई है। केवल परेशान करने के लिए केस दर्ज किया गया है। याचीगण पर आरोप है कि शिकायतकर्ता ग्रामसभा की जमीन पर कूड़ा फेंकते हैं। उन्हें रोका तो जान से मारने की धमकी दी।