महंत नरेंद्र गिरि आत्महत्या कांड में अखाड़ा परिषद अध्यक्ष रविंद्र पुरी का बयान दर्ज होगा। इसके लिए उन्हें समन जारी कर दिया गया है। कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए दो फरवरी की तिथि तय की है।
दरअसल मामले में वादी मुकदमा अमर गिरि अदालत में गवाही देने के लिए हाजिर नहीं हो रहे हैं, जिससे मुकदमे में गवाही पूरी नहीं हो सकी है। पिछले नियत तिथि पर कोर्ट ने अमर गिरि को गिरफ्तार कर पेश करने का पुलिस को आदेश दिया था। लेकिन बृहस्पतिवार को पुलिस अमर गिरि को अदालत में हाजिर नहीं कर पाई। पुलिस ने कोर्ट को बताया कि अमर गिरि के विरुद्ध जारी गैर जमानती वारंट अभी तक तामील नहीं हो सका है, जिस पर कोर्ट ने अभियोजन का पक्ष सुनने के बाद दूसरे गवाह के रूप में रवींद्र पुरी को समन भेजने की अनुमति दी। महंत नरेंद्र गिरि के आत्महत्या के मुकदमे की सुनवाई अब अपर सत्र न्यायाधीश रामप्रताप सिंह राना ने शुरू की है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता भानु प्रताप सिंह ने अदालत को बताया कि अमर गिरि पिछली कई नियत तिथि से अदालत में हाजिर नहीं हो रहे हैं। कोर्ट ने विचाराधीन मुकदमे की प्रक्रिया को बढ़ाते हुए दूसरे गवाह को समन करते हुए मुकदमे की सुनवाई के लिए दो फरवरी की तिथि नियत की है। जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी गुलाब चंद्र अग्रहरि ने बताया कि रविंद्र पुरी को दूसरे गवाह के तौर बयान दर्ज करने के लिए समन जारी हुआ है।
यह है मामला
अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रहे नरेंद्र गिरि 20 सितंबर 2021 को बांघबरी मठ के अतिथि कक्ष में फंदे से लटके मिले थे। सुसाइड नोट के आधार पर आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में उनके शिष्य रहे आनंद गिरि, आद्या प्रसाद तिवारी और सुशील तिवारी को गिरफ्तार किया गया था। आनंद गिरि चित्रकूट जेल में बंद है।